Search

 
 
 

Court News : गैंगस्टर अमन साव एनकाउंटर केस में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी CID की केस डायरी

Ranchi:  एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर अमन साव के मामले में कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को हुई. मामले में प्रार्थी और राज्य सरकार का पक्ष जानने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से सीआईडी की केस डायरी मांगी है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने कोर्ट को बताया कि मामले में दो केस होना चाहिए.
 

Ranchi:  एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर अमन साव के मामले में कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को हुई. मामले में प्रार्थी और राज्य सरकार का पक्ष जानने के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से सीआईडी की केस डायरी मांगी है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने कोर्ट को बताया कि मामले में दो केस होना चाहिए. क्योंकि पुलिस ने जो केस किया है, वह अमन साव के भागने पर उनके एनकाउंटर करने के संदर्भ में किया है. 


जबकि अमन साव की मां ने ऑनलाइन FIR  में पुलिस द्वारा जानबूझकर अमन साव का एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है, जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए. अमन साव की मां की ओर से किए गए ऑनलाइन FIR को पुलिस ने अबतक रजिस्टर नहीं किया गया है. सीआईडी जो इस मामले की जांच कर रही है, उसमें पुलिसकर्मियों के खिलाफ कोई जांच नहीं कर रही है. जानबूझकर इस मामले में देरी किया जा रहा है. कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 जून निर्धारित की है. 

 

वहीं सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अमन की मां किरण देवी की ऑनलाइन एफआईआर के संबंध में कहा कि इसी केस के संबंध में एक प्राथमिकी पुलिस की ओर से दर्ज की गई है, जिसकी जांच सीआईडी कर रही है.


जिसमें अमन की मां के द्वारा जिन बातों का उल्लेख किया गया है, उस पर भी जांच भी हो रही है. इसलिए मामले में दूसरी प्राथमिकी दर्ज करने की जरूरत नहीं है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद योग न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की पीठ में हुई.  दरअसल अमन की मां किरण देवी की ओर से इस एनकाउंटर घटना की सीबीआई जांच का आग्रह किया गया था, जिसपर कोर्ट ने संज्ञान लिया है.

 

ऑनलाइन एफआईआर को जल्द रजिस्टर करें

 

पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा था कि अमन के मां की ओर से किए गए ऑनलाइन एफआईआर को जल्द रजिस्टर करें. वहीं प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि पिछले 1 साल से उनके प्रयास के बावजूद भी मृतक अमन साव के एनकाउंटर मामले में उसकी मां  की ओर से की गई ऑनलाइन एफआईआर को अब तक पुलिस ने रजिस्टर नहीं किया है. 


यह मामला कॉग्निजेंस ऑफेंस का है, इस मामले में ऑनलाइन प्राथमिकी रजिस्टर नहीं करना दुर्भाग्यपूर्ण है. सुप्रीम कोर्ट के फुल बेंच की ललिता कुमारी जजमेंट के तहत मामले में प्राथमिकी दर्ज हो जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने नहीं किया. राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि  सीआईडी ने अमन साव के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की थी, उसी के साथ अमन के परिजनों की ओर से की गई ऑनलाइन प्राथमिकी में कही गई बातों का भी अनुसंधान किया जा रहा है.

 

उल्लेखनीय है कि अमन की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है. जिसमें 11 मार्च 2025 को पलामू में पुलिस द्वारा उनके बेटे के कथित एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की गई है. 


मामले में किरण देवी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई निदेशक, झारखंड गृह, सचिव, डीजीपी, एसएसपी रांची और एटीएस के अन्य अधिकारियों को अमन साव को छत्तीसगढ़ के रायपुर सेंट्रल जेल से रांची में एनआईए कोर्ट में पेश करने के लिए ले जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है. 


किरण देवी ने कहा है कि उन्हें आशंका थी कि पुलिस साजिश रचेगी और इसे एनकाउंटर दिखाकर उनके बेटे की हत्या कर देगी. किरण देवी ने कहा कि अमन साव को पिछले साल अक्टूबर में 75 पुलिसकर्मियों की टुकड़ी के साथ चाईबासा जेल से रायपुर स्थानांतरित किया गया था.  हालांकि उन्हें रायपुर से रांची स्थानांतरित करते समय केवल 12 सदस्यीय एटीएस टीम को ही सेवा में लगाया गया था.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही