Girish Malviya
एक बात बताइए? ये लॉरेंस विश्नोई गुजरात अहमदाबाद की साबरमती जेल में ही क्यों है? जबकि गुजरात से उसका कोई कोई सीधा संबंध नहीं है. उसका कार्यक्षेत्र पंजाब, हरियाणा, कनाडा आदि बताया जाता है.
अप्रैल 2024 में अभिनेता सलमान खान के मुंबई के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर हुई गोलीबारी में लॉरेंस विश्नोई नाम आया, उसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या में उसका नाम लिया गया.
तब भी महाराष्ट्र पुलिस को उसकी कस्टडी क्यों नहीं मिली? अब एक्टर टाइगर श्रॉफ के ऊपर गोली चलाई गई है. इसमें भी लॉरेंस विश्नोई का ही नाम आ रहा है.
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ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की जेल से बाहर क्यों नहीं निकाला जा रहा? आखिरकार मुंबई पुलिस कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अपनी हिरासत में क्यों नहीं ले पा रही है?
इसका असली कारण है गृह मंत्रालय का एक विशेष आदेश. जी हां! अमित शाह के गृह मंत्रालय ने अगस्त 2023 में उसके जेल से बाहर ले जाए जाने पर रोक लगाने वाला आदेश जारी किया था. इस आदेश को बाद में लगातार तीन साल तक बढ़ाया गया.
दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई को अगस्त 2023 में मादक पदार्थों की तस्करी के एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल से साबरमती जेल में स्थानांतरित किया गया था.
गुजरात एटीएस विश्नोई से साल 2022 के सितंबर में गुजरात तट पर अरब सागर में पाकिस्तान की एक मछली पकड़ने की नौका से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त किए जाने के मामले में उसकी भूमिका के बारे में पूछताछ करना चाहती थी.
इसके बाद अगस्त 2024 में BNSS की धारा 303 के तहत उसके जेल से बाहर ले जाने पर रोक एक साल के लिए बढ़ाई गई. फिर, अगस्त 2025 गृह मंत्रालय ने लगातार तीसरे वर्ष के लिए रोक बढ़ा दी. यानि गुजरात एटीएस लगातार तीन साल से उससे पूछताछ ही कर रही है.
आखिरकार जेल में रहकर और वो भी गुजरात की जेल में रहकर लॉरेंस विश्नोई अपने गुर्गो से कैसे लगातार संपर्क बनाए हुए है, जो कनाडा में, पंजाब में, मुम्बई में उसके कहने पर गोलीबारी करते घूम रहा है!
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में दिल्ली पुलिस के अधिकारी द्वारा लॉरेंस बिश्नोई को साहब बोल रहे हैं. ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि क्या गृहमंत्री अमित शाह का गृह मंत्रालय इस मामले में कभी कोई जवाब देंगे?

