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Garhwa : SDO के रोक आदेश के बावजूद विवादित जमीन पर उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण जारी

जिले के खरौंधी प्रखंड अंतर्गत कुपा गांव में विवादित भूमि पर उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रैयत अनिल कुमार यादव ने अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर और उपायुक्त गढ़वा को आवेदन देकर अपनी निजी जमीन पर हो रहे सरकारी निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
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रोक के बावजूद कराया जा रहा निर्माण

Garhwa : जिले के खरौंधी प्रखंड अंतर्गत कुपा गांव में विवादित भूमि पर उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. रैयत अनिल कुमार यादव ने अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर और उपायुक्त गढ़वा को आवेदन देकर अपनी निजी जमीन पर हो रहे सरकारी निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.

 

अनिल कुमार यादव का आरोप है कि जिस भूमि पर उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है, वह उनके पुश्तैनी स्वामित्व की जमीन है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवेदन के साथ खतियान, लगान रसीद और अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए दावा किया है कि उक्त भूमि उनके दादाजी के नाम से दर्ज है और वह प्रत्येक वर्ष नियमित रूप से लगान का भुगतान करते आ रहे हैं.

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SDO के निर्माण पर रोक लगाने का जारी किया गया आदेश

 

मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर द्वारा जांच रिपोर्ट के आधार पर विवादित भूमि पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था. अपने आदेश में एसडीओ ने कहा है कि आवेदक अनिल यादव के आवेदन एवं उपलब्ध तथ्यों से वह प्रथम दृष्टया संतुष्ट हैं.

 

साथ ही भूमि विवाद को लेकर दोनों पक्षों के बीच शांति भंग होने की आशंका उत्पन्न हो गई है. एसडीओ द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विवाद के निष्पादन तक दोनों पक्षों को संबंधित भूमि के निकट जाने से रोका जाता है. इसके बावजूद आरोप है कि उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण का कार्य लगातार जारी है और ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य नहीं रोका गया है.

 

अनिल यादव का कहना है कि उन्होंने प्रशासन को लगातार सभी आवश्यक दस्तावेज और तथ्य उपलब्ध कराए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई जा सकी. इससे स्थानीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.

 

वहीं, इस संबंध में पक्ष जानने के लिए जब खरौंधी अंचलाधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया. मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच भी चर्चा का माहौल बना हुआ है.

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