Garhwa News: दहेज प्रताड़ना के मामले में अदालत ने पलामू पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी अनिल प्रसाद यादव को दोषी ठहराते हुए दो वर्ष छह माह के कारावास की सजा सुनाई है. अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. हालांकि, ऊपरी अदालत में अपील के लिए अदालत ने उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.
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मामला मझिआंव थाना कांड संख्या 16/2018 से जुड़ा है. लातेहार के छिपादोहर थाना क्षेत्र के रबदी गांव निवासी अंजू देवी की शादी वर्ष 2014 में मझिआंव थाना क्षेत्र के दवनकारा निवासी पुलिसकर्मी अनिल प्रसाद यादव से हुई थी. आरोप था कि शादी के करीब एक साल बाद ससुराल पक्ष की ओर से तीन लाख रुपये दहेज की मांग करते हुए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा.
अंजू ने इसकी जानकारी अपने मायके वालों को दी. पंचायत के जरिए विवाद सुलझाने का प्रयास भी हुआ, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर वर्ष 2018 में मामला दर्ज किया गया.
बाद में समझौते के बाद अंजू को पति के साथ भेजा गया, लेकिन दोबारा प्रताड़ना का आरोप लगा. मामले की जांच के बाद पुलिस ने अनिल प्रसाद यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया.
सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अनिल प्रसाद यादव को धारा 498ए के तहत दोषी करार देते हुए ढाई साल की सजा सुनाई. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक प्रिंस कुमार ने पैरवी की. वर्तमान में अनिल प्रसाद यादव पलामू पुलिस लाइन में पदस्थापित हैं.
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