Ranchi: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने जा रहे आगामी चुनाव की सियासी हलचल तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने चुनाव के लिए नामांकन पर्चा खरीद लिया है. हालांकि, भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की ओर से अब तक उनके नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन झारखंड प्रभारी नितिन नवीन के प्रदेश दौरे के बीच किसी भी वक्त उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा होने की पूरी संभावना है.
इससे पहले भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए के घटक दलों के प्रमुख नेताओं की एक अनौपचारिक बैठक हुई, जिसमें आगामी राज्यसभा चुनाव की रणनीति और गठबंधन की मजबूती पर विस्तार से चर्चा की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक में आजसू प्रमुख सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, जदयू विधायक सरयू राय और लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र प्रधान सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जदयू विधायक सरयू राय ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्यसभा के लिए गौरव वल्लभ का नाम लगभग तय हो चुका है. उन्होंने जोर देकर कहा कि एनडीए इस चुनाव को लेकर पूरी तरह एकजुट है और भाजपा जल्द ही इसकी घोषणा करेगी.
गौरव वल्लभ द्वारा नामांकन पर्चा खरीदे जाने और एनडीए नेताओं के रुख से साफ है कि 18 जून को होने वाले इस चुनाव में भाजपा उन्हें ही मैदान में उतार रही है. ऐसे में झारखंड की दो सीटों पर होने जा रहे इस मुकाबले में भाजपा के प्रो. गौरव वल्लभ का सीधा मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा से होना तय माना जा रहा है.
जानिए कौन हैं गौरव वल्लभ
जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआई (XLRI) में प्रोफेसर रहे गौरव वल्लभ की पहचान देश में एक बड़े आर्थिक नीति विशेषज्ञ के रूप में है. वे वर्तमान में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य भी हैं. आर्थिक नीतियों और वित्तीय जोखिम प्रबंधन जैसे जटिल विषयों पर उनकी गहरी पकड़ को सरकार के भीतर भी बेहद अहम माना जाता है.
गौरव वल्लभ का राजनीतिक सफर दिलचस्प रहा है. उन्होंने साल 2018 में कांग्रेस के टिकट पर जमशेदपुर पूर्व विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और इसके बाद राजस्थान की उदयपुर सीट से भी भाग्य आजमाया, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली. आखिरकार, अप्रैल 2024 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया, जिसके बाद वे राष्ट्रीय मंचों पर आर्थिक और नीतिगत मुद्दों पर भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए.
गौरव वल्लभ का भाजपा के साथ जुड़ाव नया नहीं है. इससे पहले भी पार्टी के भीतर उनकी वैचारिक और बौद्धिक भूमिका करीब डेढ़ दशक पुरानी रही है. वह वर्ष 2010 में भाजपा के थिंक टैंक से जुड़े थे. वर्ष 2014 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर उनकी पुस्तक 'पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस' का विमोचन स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में किया था, जिसे भाजपा के वैचारिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है. बीच के कुछ वर्षों में कांग्रेस का रुख करने के बाद अब गौरव वल्लभ की भाजपा में न सिर्फ घर वापसी हुई है, बल्कि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजकर संसद में एक मजबूत बौद्धिक और आर्थिक आवाज बनाने की तैयारी में है.
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