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गिरिडीह : उपायुक्त ने विवाह भवन में पुस्तक मेला का किया उद्घाटन

वर्तमान समय में बच्चे किताबों के बजाय मोबाईल से ज्यादा नजदीकी बना चुके है. जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बच्चों व युवाओं को मोबाईल से दूरी बनाते हुए किताब की ओर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. क्योंकि पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं और पढ़ने की आदत ही व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को मजबूत बनाती है. उक्त बातें गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने गुरुवार को विवाह भवन में आयोजित पुस्तक मेला के उद्घाटन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा.
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Giridih : वर्तमान समय में बच्चे किताबों के बजाय मोबाईल से ज्यादा नजदीकी बना चुके है. जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बच्चों व युवाओं को मोबाईल से दूरी बनाते हुए किताब की ओर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. क्योंकि पुस्तकें ज्ञान का भंडार होती हैं और पढ़ने की आदत ही व्यक्ति के व्यक्तित्व, सोच और भविष्य को मजबूत बनाती है. उक्त बातें गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने गुरुवार को विवाह भवन में आयोजित पुस्तक मेला के उद्घाटन कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा. 

 

समय इंडिया ट्रस्ट नई दिल्ली द्वारा विवाह भवन में 9 अप्रैल से 12 अप्रैल तक आयोजित पुस्तक मेला का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस दौरान उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध शैक्षणिक, साहित्यिक, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित व प्रेरणादायक पुस्तकों को देखा. मौके पर साहित्यकार प्रो. छोटू प्रसाद, सुनील मंथन शर्मा, सीनेट सदस्य रंजीत राय सहित कई लोग मौजूद थे.

 

मौके पर उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि किताबें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं. किताबें न केवल ज्ञान देती हैं बल्कि जीवन को सही दिशा भी दिखाती हैं. कहा कि इस तरह के पुस्तक मेले का आयोजन समय-समय पर होना चाहिए ताकि बच्चों और युवाओं को अच्छी किताबों तक आसानी से पहुंच मिल सके. 

 

उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि आज के दौर में मोबाइल और सोशल मीडिया का उपयोग सीमित मात्रा में ही करें और अपना अधिक समय पढ़ाई तथा ज्ञानवर्धक पुस्तकों के अध्ययन में लगाएं. किताबें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं.

 

किताबें न केवल ज्ञान देती हैं बल्कि जीवन को सही दिशा भी दिखाती हैं. उन्होंने कहा कि जो छात्र नियमित रूप से किताब पढ़ते हैं, उनका मानसिक विकास तेजी से होता है और वे जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल कर पाते हैं. उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों को मोबाइल देने के बजाय किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित करें और घर में पढ़ाई का अच्छा माहौल बनाएं.

 

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इसलिए बच्चों को संतुलन बनाकर चलना चाहिए और पढ़ाई को प्राथमिकता देनी चाहिए.

 

मौके पर उपायुक्त ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं. उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के माध्यम से नई पीढ़ी को ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा मिलती है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है.

 

उन्होंने शिक्षकों से भी आग्रह किया कि वे स्कूलों में बच्चों को पुस्तक पढ़ने के लिए प्रेरित करें और पुस्तकालयों का अधिक से अधिक उपयोग कराएं. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस पुस्तक मेले में हिस्सा लें और अपने बच्चों को भी यहां लाकर किताबों से परिचित कराएं.

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