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कला संगम की रंग यात्रा से गिरिडीह की सड़कें गुलजार, विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

कला संगम की ओर से शनिवार को रंग यात्रा निकाली गई. 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता के दौरान निकाली गई यह यात्रा सवेरा सिनेमा हॉल से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरी, जिसने पूरे शहर को उल्लास और उमंग से भर दिया.
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  • कला और संस्कृति का दिखा अनोखा संगम

Giridih :  कला संगम की ओर से शनिवार को रंग यात्रा निकाली गई. 25वीं अखिल भारतीय बहुभाषी नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता के दौरान निकाली गई यह यात्रा सवेरा सिनेमा हॉल से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से गुजरी, जिसने पूरे शहर को उल्लास और उमंग से भर दिया.

 

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रंग यात्रा के दौरान गिरिडीह की सड़कों पर कला और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को भी मिला. रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपने-अपने क्षेत्रीय नृत्यों की प्रस्तुति दी.

 

असम का बिहू, त्रिपुरा का शास्त्रीय नृत्य, झूमर, शिव तांडव सहित कई लोकनृत्यों ने राहगीरों को देर तक थामे रखा. ढोल, नगाड़े और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर कलाकारों की लयबद्ध प्रस्तुति से पूरा माहौल सांस्कृतिक रंग में डूब गया.

 

बरमसिया स्थित सवेरा सिनेमा हॉल का क्षेत्र इस सांस्कृतिक यात्रा का मुख्य केंद्र बना रहा, जहां विभिन्न दलों के कलाकारों ने एक के बाद एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. 

 

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कला संगम के सचिव सतीश कुंदन के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने न केवल गिरिडीह की सांस्कृतिक पहचान को रौशन किया, बल्कि राष्ट्रीय एकता, भाषाई विविधता और लोककलाओं के संरक्षण का सशक्त संदेश भी दिया.

 

स्थानीय नागरिकों, विद्यार्थियों और कला-प्रेमियों की बड़ी संख्या ने सड़क के दोनों ओर खड़े होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया. रंग यात्रा ने यह साबित किया कि गिरिडीह अब कला और संस्कृति के राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान मजबूती से दर्ज करा रहा है. 

 

 

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