- प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के बाद देर रात बीडीओ व अन्य को किया गया मुक्त
Giridih News : जिले के सरिया प्रखंड के कुसमाडीह पंचायत सचिवालय में गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई. SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) अभियान का वीडियो बनाने को लेकर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) ललित नारायण तिवारी समेत कई कर्मियों को पंचायत भवन के अंदर बंधक बना लिया.

पंचायत भवन के बाहर ग्रामीणों का विरोध
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को कुसमाडीह पंचायत सचिवालय में SIR अभियान को लेकर विशेष कैंप लगाया गया था. सरिया BDO ललित नारायण तिवारी मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण कार्य और कर्मियों के कामकाज का निरीक्षण कर रहे थे.
इसी दौरान स्थानीय युवक मोहम्मद आजाद अंसारी मोबाइल फोन से पूरे कार्य का वीडियो बनाने लगा. बीडीओ ने वीडियो बनाए जाने पर आपत्ति जताई, जिससे दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई. ग्रामीणों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद BDO ने युवक के साथ मारपीट की और उसका गला दबाने का भी प्रयास किया. हालांकि प्रशासन की ओर से घटना को मामूली नोकझोंक बताया गया है.
युवक के साथ कथित मारपीट की खबर आसपास के लोगों तक पहुंचते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत सचिवालय पहुंच गए. देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई. ग्रामीणों ने BDO और उनके साथ मौजूद अन्य कर्मियों को पंचायत भवन के एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला जड़ दिया. इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायत भवन के बाहर जमकर नारेबाजी शुरू कर दी.
इसे भी पढ़ें
स्थिति तनावपूर्ण होता देख स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी गई. BDO और कर्मियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही सरिया-बगोदर के SDM संतोष कुमार गुप्ता और SDPO धनंजय राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. सरिया, बगोदर और बिरनी थाना की पुलिस को भी बुलाया गया.
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने और पंचायत भवन का ताला खुलवाने का प्रयास किया. लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. ग्रामीणों का कहना था कि कथित रूप से युवक के साथ मारपीट करने वाले BDO को सार्वजनिक रूप से पीड़ित युवक और ग्रामीणों से माफी मांगनी होगी.
शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच शुरू हुआ विवाद देर रात तक जारी रहा. शाम करीब छह बजे तक स्थिति गंभीर बनी रही. प्रशासनिक अधिकारी लगातार ग्रामीणों से बातचीत करते रहे, लेकिन ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं थे. रात करीब साढ़े नौ बजे तक SDM और SDPO पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे.
कई घंटे तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद देर रात करीब 11 बजे BDO ललित नारायण तिवारी और अन्य कर्मियों को बंधन से मुक्त कराया गया. इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली. हालांकि, युवक और BDO के बीच हुए विवाद और कथित मारपीट को लेकर ग्रामीणों में देर रात तक आक्रोश बना रहा.
SIR जैसे महत्वपूर्ण सरकारी अभियान के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीणों के बीच हुए इस विवाद ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है. अब पूरे मामले में प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

