Giridih : जिले के गावां जमडार पंचायत के तारापुर गांव स्थित बंद खदान में 10 अगस्त को डूबी एक आदिवासी महिला का शव तीन दिन बीत जाने के बाद भी बरामद नहीं किया जा सका है. शव नहीं मिलने से परिजनों और ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी फैल गया है और प्रशासन पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया जा रहा है.
घटना के बाद खंडोली से विशेषज्ञ गोताखोरों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और राहत प्रयास शुरू किए, लेकिन खदान में पानी की अधिक गहराई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण बचावकारी दलों को सफलता नहीं मिली.
गोताखोर कई घंटे तक गोताखोरी कर चुके हैं, परंतु पहचान योग्य श,व तक पहुँचने में असमर्थ रहे.आक्रोशित ग्रामीणों ने आज सुबह गावां-पटना मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, और मौके पर उपस्थित अधिकारियों से राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम भेजने तथा अनुभवी विशेषज्ञ गोताखोरों की मदद दिलवाने की मांग की.
ग्रामीणों का कहना है कि घटना के तीन दिन बीत चुके हैं और संसाधन व उपकरणों की कमी के कारण परिजन मानसिक एवं आर्थिक परेशानी झेल रहे हैं.उन्होंने प्रशासन से तत्काल आवश्यक उपकरण, जलकुंभी निकालने के यंत्र तथा गहरे पानी के लिए उपयुक्त गोताखोर उपलब्ध कराने की मांग की है.
पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने खदान के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और मार्ग को अवरुद्ध कर रहे ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं.स्थानीय थाना प्रभारी ने कहा कि प्रभावित परिवार से संपर्क में हैं और राहत तथा समन्वय के प्रयास जारी हैं.

