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झारखंड में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार-6:  JET में जो हुए फेल, वे भी बन गए विवि में लेक्चरर

झारखंड राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित JET में फेल होने वाले भी विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं. उनके पास अंग्रेजी, अर्थशास्त्र से विज्ञान तक पढ़ाने की जिम्मेवारी है. आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष गोपाल प्रसाद के भाई इतिहास पढ़ा रहे हैं.
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  • तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद के भाई इतिहास पढ़ा रहे हैं.
  • तत्कालीन सदस्य शांति देवी की बहन इतिहास पढ़ा रही हैं.

Ranchi: झारखंड राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित JET में फेल होने वाले भी विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं. उनके पास अंग्रेजी, अर्थशास्त्र से विज्ञान तक पढ़ाने की जिम्मेवारी है. आयोग के तत्कालीन सदस्य गोपाल प्रसाद के भाई इतिहास पढ़ा रहे हैं. तत्कालीन सदस्य शांति देवी की बहन इतिहास पढ़ा रही हैं. सभी आरोपित और जमानत पर है.


राज्य के तीन विश्वविद्यालयों में लेक्चरर के पद पर हुई नियुक्ति की जांच के बाद आरोप पत्र दायर किया जा चुका है. आरोपितों को जमानत मिल चुकी है. सभी विश्वविद्यालय में पढ़ा रहे हैं. तत्कालीन अध्यक्ष गोपाल प्रसाद के भाई विवेकानंद सिंह इतिहास पढ़ा रहे हैं. वह JPSC द्वारा आयोजित JET में फेल हो गये थे. लेकिन उनके भाई और आयोग के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद JET सेल के प्रभारी थे. इसलिए उन्हें फेल होने के बावजूद पास घोषित कर दिया गया था. उन्हें JET में पास होने के लिए 142 नंबर की जरूरत थी. लेकिन उन्हें पेपर-3 में 131 नंबर ही मिले थे. आयोग के सदस्य शांति देवी की बहन कांती कुमारी भी जेट में फेल कर गयी थी. लेकिन बहन सदस्य थी इसलिए उन्हें भी पास घोषित कर दिया गया था. JET पास होने के लिए उन्हें पपेर-3 में 113 नंबर की जरूरत थी. लेकिन उन्हें 112 नंबर मिले थे.

 

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झारखंड में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार-5 : जांच कोई भी एजेंसी करे नौकरी किसी की नहीं जाती है 

 

JPSC द्वारा आयोजित JET में तीन पेपर थे. पेपर-1 का संबंध परीक्षार्थियों की पढ़ाने की क्षमता के आकलन से था. पेपर-2, परीक्षार्थियों द्वारा चुने गये विषय पर आधारित था. पेपर-3 परीक्षार्थियों द्वारा चुने गये विषय से जुड़े विस्तृत मुद्दों से संबंधित था. जो परीक्षार्थी पपर-1 में पास नहीं करता वह पेपर-2 और पेपर-3 की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकता था. हालांकि तीनों पेपर की परीक्षा एक ही दिन आयोजित की गयी थी. पपेर-1 की परीक्षा का समय 9.30 से 10.45 बजे तक, पेपर-2 की परीक्षा का समय 10.45 से 12.00 बजे तक था. पेपर-3 की परीक्षा का समय 1.30 से 4.00 बजे तक था. ऐसी परिस्थिति में पेपर-1 की जांच कर पेपर-2 की परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों का चयन करना किसी भी कीमत पर संभव नहीं था.


पेपर-1 और पेपर-2, 100-100 नंबरों का था. पेपर-2, 200 नंबरों का था. पेपर-1 और पेपर-2 को मिलाकर सामान्य और पिछड़ी जाति के छात्रों को कम से कम 100 नंबर लाना जरूरी था. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को इन दोनों पेपर को मिलाकर कुल 80 नंबर लाना जरूरी था. इसके बाद पेपर-3 में मिले नंबर के आधार पर JET में सफल घोषित किया जाना था. जांच में पाया गया कि JPSC द्वारा JET में सफल घोषित किये जाने वाले 191 परीक्षार्थी फेल थे. JPSC द्वारा जबरन JET में सफल घोषित किये गये लोगों में से भी लेक्चरर के पद पर नियुक्त कर लिया गया. नियुक्ति में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गयी थी.


JET में फेल होने के बावजूद लेक्चरर बनने वालों का ब्योरा

नाम पेपर-3 जरूरी नंबर मिला
जितेंद्र सिंह मुंडा हिंदी 150 102
सुचित्रा बारा हिंदी 150 93
सुप्रभा टूटी हिंदी 150 93
भारती कुमारी हिंदी 150 95
अमिताभ भारती इकोनॉमिक्स 122 112
अंजु पुष्पा बा इकोनॉमिक्स 113 111
रघुवेंद्र कुमार सिंह अंग्रेजी 119 100
ममता केरकेट्टा अंग्रेजी 100 91
भीम राम पॉलिटिकल साइंस 120 110
बिनय कुमार पॉलिटिकल साइंस 141 116
राजेंद्र सिंह इतिहास 142 129
कांति कुमारी इतिहास 112 112
असीम अनुपम कॉमर्स 115 107
शशि किरण एंथ्रोपोलॉजी 126 113
प्रदीप कुमार जुलॉजी 99 96
अरविंद कुमार कॉमर्स 135 134
गीतांजली सिंह इतिहास 142 130
शैलेंद्र कुमार सिंह इतिहास 141 116
ममता कुजूर इकोनॉमिक्स 114 111
अनमोल अमर बा इकोनॉमिक्स 113 101
गणेश कुमार इकोनॉमिक्स 113 107
सुमन कुमार इकोनॉमिक्स 112 111
प्रकाश चंद्र दास पॉलिटिकल साइंस 120 117
मनीष कुमार दुबे हिंदी 105 100
विवेकानंद सिंह इतिहास 142 131
मंतोष कुमार पांडेय अंग्रेजी 119 108
विजय आइंद अंग्रेजी 100 98
अनिता आलदा अंग्रेजी 100 96
मनीष दयाल अंग्रेजी 119 117
हीरा लाल रविदास  इकोनॉमिक्स 113 100
अजय बहादुर सिंह पॉलिटिकल साइंस 141 108
राजेंद्र कुमार बड़ाईक पॉलिटिकल साइंस 120 119
जितेंद्र हरिजन पॉलिटिकल साइंस 120 110

 

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