Ranchi : जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते को सीआईडी ने 10 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उनकी गिरफ्तारी के बाद अब यह कयास लगाया जाने लगा है कि अगली गिरफ्तारी किसकी होगी?
सीआईडी ने जेपीएससी के तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए नोटिस दिया था. पूछताछ के लिए जाने से पहले ही तीनों सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने इस्तीफा दे दिया था. अब इन तीनों पूर्व सदस्यों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.
मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक, जेपीएससी नियुक्ति घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी ने जो स्वीकारोक्ति बयान सीआईडी के अधिकारियों के समक्ष दिया है, उसमें उसने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते का घोटाले में शामिल होने का उल्लेख किया है. साथ ही कहा है कि टीडीपीएल को एजेंसी के रूप में चयन करने के लिए एल ख्यांग्ते को दो करोड़ रूपये दिये गये थे.
खबरों के मुताबिक, अभ्यर्थियों से जो रकम की वसूली की जाती थी, उसका हिस्सा पूर्व चेयरमैन के अलावा सदस्यों को भी मिलता था. ऐसा अभय तिवारी ने अपने बयान में बताया है. अगर यह सच है और सीआईडी को उसके बयान से संबंधित तथ्य व सबूत मिलते हैं, तो जेपीएससी के तीनों पूर्व सदस्यों की गिरफ्तारी भी तय मानी जा रही है. हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि संभवत: तीन में एक सदस्य ऐसे हों, जो इस गोरखधंधे में शामिल ना रहे हों.
उल्लेखनीय है कि जेपीएससी घोटाले के सिलसिले में सीआईडी की टीम अब तक 20 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. छात्र आंदोलन कर रहे हैं. इससे सरकार पशोपेश में है. छात्रों का आंदोलन और बड़ा ना हो, इसकी कोशिश की जा रही है. छात्रों से वार्ता की जा रही है. लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है. हालांकि मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम अब तक प्रोफेशनल तरीके से अनुसंधान कर रही है.
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