Giridih News : आगामी दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर गिरिडीह अनुमंडल सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी धीरेंद्र कुमार ने की. इस दौरान पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियों पर चर्चा की गई.
बैठक में डीएसपी नीरज सिंह, सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो, मुफ्फसिल थाना प्रभारी ज्ञान रंजन, ट्रैफिक इंस्पेक्टर डुगन टोपनो, अहिल्यापुर थाना प्रभारी ऐनुल हक खां समेत पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
बैठक में पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी, यातायात प्रबंधन तथा प्रतिमा विसर्जन के दौरान आवश्यक पुलिस व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई. पूजा समितियों से प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल पुलिस-प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई.
एसडीएम धीरेंद्र कुमार ने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और शहर में कानून-व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. उन्होंने पूजा समितियों और जनप्रतिनिधियों से प्रशासन के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील की.
उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की अफवाह या विवाद की स्थिति में बिना पुष्टि के सूचना पर विश्वास न करें और इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दें.डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने भीड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और पूजा समितियों से आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर पुलिस को तुरंत सूचना दी जाए. सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक या अफवाह वाली सूचनाओं से भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है.
सदर एसडीपीओ जीतवाहन उरांव ने कहा कि दुर्गापूजा को लेकर पुलिस पूरी तरह सतर्क है. पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों से लगातार संपर्क बनाए रखने के साथ आवश्यक स्थानों पर पुलिस की निगरानी सुनिश्चित की जाएगी.
उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देने की अपील की.बैठक में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई. पूजा पंडालों के आसपास बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया.
इसके साथ ही प्रतिमा विसर्जन के दौरान जुलूस और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया.प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है. इसके लिए पुलिस-प्रशासन के साथ पूजा समितियों, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों का सहयोग जरूरी है.

