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50 मी. दूर खदान, ब्लास्टिंग से धूल का गुबार व 8 मौतें, बिरहोरों के हाल पर DC से लेकर जिम्मेदार विभागों पर उठे सवाल

Ranchi/Hazaribagh :  सामाजिक कार्यकर्ता मंटू सोनू ने आयोग को शिकायत भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. शिकायत में हजारीबाग उपायुक्त समेत संबंधित प्रशासनिक और जिम्मेदार विभागों की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई गई है.
 
एनटीपीसी चट्टी बरियातु कोल परियोजना
  • 8 बिरहोरों की मौत का मामला NHRC पहुंचा
  • NHRC से उच्चस्तरीय जांच की मांग
  • NHRC से मेडिकल, लीगल और फोरेंसिक जांच की मांग
  • बिरहोर परिवारों के पुनर्वास को लेकर NHRC से गुहार

Ranchi/Hazaribagh :  हजारीबाग के केरेडारी प्रखंड स्थित पगार बिरहोर टोला में खनन क्षेत्र से महज 50 मीटर की दूरी पर रह रहे आदिम जनजाति बिरहोर परिवारों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. खनन और ब्लास्टिंग के बीच रहने वाले बिरहोर समुदाय के आठ लोगों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है.

 

सामाजिक कार्यकर्ता मंटू सोनू ने आयोग को शिकायत भेजकर पूरे मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. शिकायत में हजारीबाग उपायुक्त समेत संबंधित प्रशासनिक और जिम्मेदार विभागों की भूमिका की भी जांच की मांग उठाई गई है.

 

शिकायत के अनुसार, पगार बिरहोर टोला एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना से महज करीब 50 मीटर की दूरी पर है. यहां बिरहोर परिवार सरकार की ओर से बनाए गए आवासों में रह रहे हैं.

 

आरोप है कि खदान में ब्लास्टिंग होते ही भारी मात्रा में धूल उड़ती है और पूरा टोला धूल के गुबार से ढक जाता है. लंबे समय से ऐसी स्थिति बने रहने के बावजूद प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित नहीं किए जाने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं.

 

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2022 से जारी है भारी खनन

शिकायत में कहा गया है कि चट्टी बरियातू परियोजना में भारी खनन गतिविधियां 25 अप्रैल 2022 से शुरू हुईं. खनन क्षेत्र के करीब होने के कारण बस्ती में धूल और प्रदूषण का असर लगातार बना हुआ है. जिला प्रशासन की संयुक्त जांच रिपोर्ट में भी बस्ती के खनन क्षेत्र के करीब होने और धूल उड़ने की स्थिति का उल्लेख किए जाने का दावा शिकायत में किया गया है.

 

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए शिकायतकर्ता ने कहा है कि बिरहोर परिवारों में आंखों का संक्रमण, श्वास नली का संक्रमण, त्वचा रोग, गंभीर एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याएं सामने आई हैं. शिकायतकर्ता ने इन बीमारियों और खनन गतिविधियों के बीच संभावित संबंध की स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच की मांग की है.

 

आठ मौतों ने खड़े किए सवाल

शिकायत में खनन शुरू होने के बाद बिराज बिरहोर, किरण कुमारी उर्फ किरणी बिरहोर, आकेश बिरहोर, दुर्गा बिरहोर, गीता देवी, ननकी देवी, रूपा कुमारी और करीब दो माह के एक नवजात की मौत का उल्लेख किया गया है. शिकायतकर्ता ने इन मौतों के कारणों की जांच पर सवाल उठाए हैं.

 

शिकायत के मुताबिक, इन मामलों में मृतकों का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया. ऐसे में मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण स्पष्ट नहीं हो सके. NHRC से सभी मामलों की स्वतंत्र मेडिकल-लीगल और फोरेंसिक समीक्षा कराने की मांग की गई है.

 

खनन रोकने की अनुशंसा, फिर भी काम जारी

मामले में जिला प्रशासन की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण बताया गया है. शिकायत के अनुसार, समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जब तक बिरहोर समुदाय का सुरक्षित और उपयुक्त पुनर्वास सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक क्षेत्र में खनन कार्य करना उचित या सलाह योग्य नहीं है.

 

शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस अनुशंसा के बावजूद खनन गतिविधियां जारी रहीं. सवाल उठाया गया है कि जब प्रशासनिक समिति ने सुरक्षित पुनर्वास को जरूरी माना था, तो उपायुक्त और संबंधित विभागों ने इस पर क्या कार्रवाई की.

 

मकान बनाना ही पूरा पुनर्वास नहीं

शिकायत में कहा गया है कि प्रशासन की ओर से बिरहोर परिवारों के लिए वैकल्पिक मकान बनाए गए हैं, लेकिन परिवार वहां जाने को तैयार नहीं हैं. शिकायतकर्ता के अनुसार, बिरहोरों की आजीविका जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ी है, इसलिए केवल मकान उपलब्ध करा देना पूर्ण पुनर्वास नहीं माना जा सकता.

 

NHRC से स्वतंत्र बहु-विषयक जांच समिति बनाने, PM10 व PM2.5 की जांच कराने और ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन व धूल के प्रभाव का वैज्ञानिक आकलन कराने की मांग की गई है. साथ ही जांच और सुरक्षित पुनर्वास पूरा होने तक टोला के आसपास खनन व ब्लास्टिंग गतिविधियों को सीमित या अंतरिम रूप से स्थगित करने का आग्रह किया गया है.

 

आठ मौतों का विवरण

मृतक का नाम उम्र   मृत्यु की तारीख
बिराज बिरहोर  70 वर्ष 13.03.2024
किरण कुमारी उर्फ किरणी बिरहोर 12 वर्ष 28.02.2024
आकेश बिरहोर 10 वर्ष 11.07.2024
दुर्गा बिरहोर 46 वर्ष   10.04.2024
गीता देवी 39 वर्ष  19.04.2025
ननकी देवी  57 वर्ष 25.10.2025
रूपा कुमारी 15 दिन   23.04.2025
नाम दर्ज नहीं करीब 2 माह 13.11.2025

 

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