Giridih : गिरिडीह जिले के तिसरी थाना की कार्यप्रणाली एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है. बहन को न्याय दिलाने के नाम पर पीड़िता के भाई से रिश्वत लेने के आरोपी सब-इंस्पेक्टर (एसआई) नंद जी राय को लाइन हाजिर कर दिया गया है. उन पर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है. यह कार्रवाई एसपी डॉ बिमल कुमार के निर्देश पर की गई है.
तिसरी थाना क्षेत्र के लोकाय निवासी शिकायतकर्ता मो. तासीर ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन के मामले में न्याय दिलाने के लिए एसआई नंद जी राय ने उनसे 60 हजार रुपये बतौर रिश्वत लिये हैं. आरोप है कि एसआई ने यह रकम लेने के समय थाना प्रभारी व तत्कालीन एसडीपीओ को भी पैसे देने की बात कही थी. मामला सार्वजनिक होने पर स्थानीय स्तर पर विवाद और रोष बढ़ गया.
सोशल मीडिया पर आरोपी एसआई का एक ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ है, जिसमें कथित तौर पर वह तीन महीने में तीन किश्तों में पैसे लौटाने की बात करते सुने जा सकते हैं. खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार ने बताया कि पूछताछ में एसआई ने पैसे लेने की बात स्वीकार की है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उसने वास्तव में कितनी राशि ली थी.
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के आधार पर एसआई नंदजी राय को लाइन हाजिर किया गया है. मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है. एसडीपीओ ने यह भी कहा कि अब तक की जांच में निवर्तमान थाना प्रभारी और तत्कालीन एसडीपीओ की संलिप्तता से जुड़ा कोई स्पष्ट तथ्य सामने नहीं आया है. बताया जा रहा है कि निवर्तमान थाना प्रभारी पहले से ही मुख्यालय में तैनात हैं, जबकि तत्कालीन एसडीपीओ का स्थानांतरण अन्य जिले में हो चुका है.
ज्ञात हो कि इस घटना के विरोध में बीते दिन किसान जनता पार्टी के नेतृत्व में शहर में आक्रोश मार्च निकाला गया था. प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की. स्थानीय लोग पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल लोगों को जांच रिपोर्ट का इंतजार है.
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