Giridih: जिले के पीजीटी और टीजीटी शिक्षक पिछले दो माह से वेतन भुगतान नहीं होने के कारण गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से नाराज शिक्षकों ने अब जनगणना कार्य के बहिष्कार की चेतावनी दी है. शिक्षकों का आरोप है कि कई बार मांग उठाने के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.
जानकारी के अनुसार, जिले में कार्यरत करीब 1029 टीजीटी और लगभग 300 पीजीटी शिक्षकों समेत कई कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिला है. इससे शिक्षकों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं. शिक्षकों का कहना है कि वे उपायुक्त कार्यालय तक ई-मेल और आवेदन के माध्यम से अपनी समस्या पहुंचा चुके हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकला.
शिक्षकों ने बताया कि प्राथमिक शिक्षकों का वेतन जारी कर दिया गया है, जबकि माध्यमिक और प्लस टू विद्यालयों के शिक्षक अब भी भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इसे लेकर शिक्षक संगठनों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.
शिक्षक संगठन समन्वय समिति ने डीईओ कार्यालय की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद भुगतान लंबित रखना समझ से परे है. झारखंड प्लस टू शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया, तो शिक्षक जनगणना कार्य का बहिष्कार करने को मजबूर होंगे.
उन्होंने बताया कि मंगलवार को बड़ी संख्या में शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेकर उपायुक्त के जनता दरबार में पहुंचेंगे और वेतन भुगतान की मांग उठाएंगे. शिक्षकों का यह भी आरोप है कि गत 4 मई को उपायुक्त कार्यालय में हुई बैठक में डीईओ और डीएसई को शीघ्र वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक उस आदेश का पालन नहीं किया गया है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment