Giridih: शहर के वार्ड नंबर 10 न्यू बरगंडा निवासी सुनील कुमार की सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद शुक्रवार रात अस्पताल परिसर में भारी हंगामा और तनाव का माहौल बन गया.
मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है.परिजनों के अनुसार, सुनील कुमार लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित थे और हर 15 दिन में डायलिसिस के लिए सदर अस्पताल आते थे.
शुक्रवार शाम अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. मृतक के छोटे भाई पुनिल कुमार ने बताया कि सुनील को सामान्य वार्ड में रखा गया, जबकि उनकी हालत लगातार गंभीर होती जा रही थी.
परिजनों का आरोप है कि मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने के बावजूद समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई. जिससे वह सांस लेने में तकलीफ से जूझता रहा.उनका कहना है कि अस्पताल के आईसीयू में बेड खाली होने के बावजूद सुनील को वहां शिफ्ट नहीं किया गया. आरोप है कि जब उनकी स्थिति और खराब हुई तो ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को बुलाया गया, लेकिन उन्होंने वार्ड में आने के बजाय मरीज को उनके पास लाने की बात कही. इसी दौरान सुनील की मौत हो गई.
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय निवासी अस्पताल इकट्ठा हो गए और इलाज में लापरवाही के खिलाफ जमकर हंगामा किया. परिजनों की चीख-पुकार और रोने से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया.
नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस सदर अस्पताल पहुंची और भीड़ को नियंत्रित कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.
वहीं इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. बच्चा सिंह ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि मरीज के इलाज में लापरवाही नहीं हुई है,अगर इलाज में किसी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो दोषी के खिलाफ निलंबन व अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment