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झारखंड के जिले में ICU की सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य, 3-4 साल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की 100 सीटें होंगी

Ranchi News : स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शनिवार को रांची में 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान यह जानकारी दी.
 
क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन

Ranchi News : झारखंड सरकार राज्य के हर जिले में ICU की सुविधा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. सरकार का लक्ष्य है कि सुदूर और आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाले गंभीर मरीजों को भी समय पर बेहतर इलाज मिल सके. 

 

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स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने शनिवार को रांची में 14वें ईस्ट जोन क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन के दौरान यह जानकारी दी.

 

रांची क्रिटिकल केयर सोसाइटी की ओर से 11 से 13 सितंबर तक करमटोली स्थित सेलिब्रेशंस में सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है. इस बार सम्मेलन का विषय इंटीग्रेटेड क्रिटिकल केयर : ब्रिजिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड कंपैशन’ रखा गया है. सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक फैकल्टी और 200 से ज्यादा डॉक्टर शामिल हो रहे हैं.

 

अजय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड के कई गांव दुर्गम इलाकों में हैं, जहां एंबुलेंस और दूसरे वाहनों का पहुंचना मुश्किल होता है. ऐसे में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती है. राज्य में ICU बेड, विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और गंभीर बीमारियों के इलाज का अधिक खर्च भी बड़ी समस्या है.

 

उन्होंने बताया कि राज्य में 10 बेड की टेली-ICU सुविधा के माध्यम से जिला स्तर पर गंभीर मरीजों के इलाज में मदद दी जा रही है. आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं में AI का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा. AI मरीज के स्वास्थ्य से जुड़े कई मापदंडों की निगरानी में मदद करेगा. हालांकि, इलाज से जुड़ा अंतिम फैसला डॉक्टर ही करेंगे.

 

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि फिलहाल RIMS में विशेषज्ञ चिकित्सा की पढ़ाई के लिए 9 सीटें उपलब्ध हैं. सरकार अगले 3 से 4 वर्षों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीटों की संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य लेकर चल रही है. इससे राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी.

 

उन्होंने सरकारी और निजी अस्पतालों के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करने की जरूरत है, जिसमें मरीज की आर्थिक स्थिति और अस्पताल से दूरी इलाज में बाधा न बने.

 

सम्मेलन की शुरुआत एक दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप से हुई. इसके अलावा वैज्ञानिक सत्र और विशेषज्ञों के बीच चर्चा भी आयोजित की जा रही है. कार्यक्रम में ISCCM के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणबीर सिंह त्यागी और राष्ट्रीय सचिव डॉ. घनश्याम जागोतकर समेत कई विशेषज्ञ मौजूद रहे.

 

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