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मुख्यमंत्री पशुधन योजना : बकरी, सूकर, भेड़ व चूजे की सप्लाई के लिए एजेंसियों से मांगे गए आवेदन

Ranchi News : मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का उद्देश्य राज्य में दूध, मांस, अंडा और ऊन का उत्पादन बढ़ाना है. इसके साथ ही ग्रामीण लोगों को पशुपालन के जरिए रोजगार और आमदनी का साधन उपलब्ध कराना भी योजना का लक्ष्य है.
 
मुख्यमंत्री पशुधन योजना
  • मुख्यमंत्री पशुधन योजना के लाभुकों तक पहुंचेंगे बकरी, सूकर, भेड़ व चूजे
  • 29 सितंबर शाम 5 बजे तक एजेंसियां कर सकेंगे आवेदन
  • एजेंसी या एफपीओ के पास पैन कार्ड और GST रजिस्ट्रेशन होना जरूरी
  • 10 लाख रुपये का सालाना टर्नओवर जरूरी
  • संबंधित क्षेत्र में तीन साल का अनुभव भी होना चाहिए

Ranchi News : झारखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशु-पक्षियों की सप्लाई के लिए एजेंसियों, एनजीओ, सप्लायर और एफपीओ से आवेदन मांगे हैं. पशुपालन निदेशालय ने इसके लिए इच्छा की अभिव्यक्ति यानी EOI जारी की है. चयनित एजेंसियों को राज्य के सभी जिलों में योजना के लाभुकों तक पशु-पक्षी पहुंचाने होंगे.

 

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना का उद्देश्य राज्य में दूध, मांस, अंडा और ऊन का उत्पादन बढ़ाना है. इसके साथ ही ग्रामीण लोगों को पशुपालन के जरिए रोजगार और आमदनी का साधन उपलब्ध कराना भी योजना का लक्ष्य है.

 

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योजना के तहत ब्लैक बंगाल नस्ल की 8 मादा और 2 नर बकरियों की इकाई दी जाएगी. इसकी अनुमानित लागत 42 हजार रुपये है. सूकर विकास योजना में 4 मादा और 1 नर सूकर की इकाई होगी, जिसकी अनुमानित लागत करीब 34 हजार रुपये है. वहीं, भेड़ पालन के लिए 8 मादा और 2 नर भेड़ की इकाई दी जाएगी. इसकी अनुमानित लागत 42 हजार रुपये है.

 

इसके अलावा बैकयार्ड लेयर योजना के तहत 420 चूजे, ब्रायलर योजना में 525 चूजे और बत्तख पालन के लिए 30 बत्तख के चूजे दिए जाएंगे. इनकी अनुमानित लागत क्रमश: 14,700 रुपये, 15,750 रुपये और 3,060 रुपये है.

 

आवेदन करने वाली एजेंसी या एफपीओ के पास पैन कार्ड और GST रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है. इसके अलावा पिछले तीन साल की ऑडिटेड बैलेंस शीट और प्रत्येक जिले के लिए कम से कम 10 लाख रुपये का सालाना टर्नओवर होना चाहिए. संबंधित क्षेत्र में कम से कम तीन साल का अनुभव भी जरूरी है.

 

सप्लाई किए जाने वाले पशु-पक्षियों को 15 दिनों तक क्वारंटाइन में रखना होगा. इस दौरान जरूरी टीकाकरण भी कराना होगा. इसके बाद चयनित एजेंसी को पशु-पक्षियों को सीधे लाभुकों के घर तक पहुंचाना होगा.

 

आवेदन के साथ 1,000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा. आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक है. प्राप्त प्रस्ताव 1 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे खोले जाएंगे. आवेदन पशुपालन निदेशालय, पशुपालन भवन, हेसाग, हटिया, रांची में जमा किया जा सकता है. ई-मेल के जरिए भी आवेदन भेजने की सुविधा दी गई है.

 

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