- गोड्डा में अदानी पावर लिमिटेड के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए 1363 कृषि भूमि के अधिग्रहण को चुनौती
- स्थानीय किसान और आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने भूमि अधिग्रहण पर जताई है आपत्ति
- याचिकाकर्ता में 16 गांव के ग्रामीण शामिल
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट की एकल पीठ ने गोड्डा जिले में अदानी पावर लिमिटेड के थर्मल पावर प्रोजेक्ट के लिए 1363 एकड़ कृषि भूमि के अधिग्रहण को चुनौती देने वाली याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया. अब इस मामले की आगे की सुनवाई निर्धारित की जाएगी.
याचिकाकर्ताओं (स्थानीय किसान और आदिवासी समुदाय के सदस्यों) ने अधिग्रहण के खिलाफ कई गंभीर आपत्तियां उठाई हैं. करीब 16 गांव के लोगों ने याचिका दाखिल की है. दरअसल, परियोजना में उत्पादित पूरी बिजली बांग्लादेश को निर्यात की जानी है, इसलिए “सार्वजनिक उद्देश्य” का अभाव बताया गया है. याचिका में कहा गया है कि भूमि मालिकों की अनिवार्य 80% सहमति प्राप्त नहीं की गई.
सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) में लगभग 4,000 प्रभावित लोगों (किरायेदार, मजदूर आदि) को शामिल नहीं किया गया. संथाल परगना टेंडेंसी एक्ट 1949 का उल्लंघन होने का आरोप भी लगाया है. साथ ही बताया है कि सिंचित बहु-फसली भूमि का अधिग्रहण बिना “अंतिम विकल्प” साबित किए किया गया.
जनसुनवाई को औपचारिकता मात्र बताया गया, जिसमें सीमित प्रवेश, रंगीन कार्ड और ग्रामीणों पर लाठीचार्ज जैसे आरोप लगाए गए.
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मोहम्मद शादाब अंसारी ने पक्ष रखा.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.



Leave a Comment