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सोने-चांदी की कीमतें आसमान पर, सिल्वर 4 लाख के पार, गोल्ड की चमक और बढ़ी

सोना और चांदी की कीमतें आसमान छू रही है. चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. जबकि सोने की चमक भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इसकी कीमत 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है. बाजार में आई इस अचानक तेजी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है.
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Lagatar Desk :  सोना और चांदी की कीमतें आसमान छू रही है. चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलो का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. जबकि सोने की चमक भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. इसकी कीमत 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है. बाजार में आई इस अचानक तेजी ने निवेशकों और खरीदारों दोनों को हैरान कर दिया है. 

 

चांदी की छलांग, 24 घंटे में नया रिकॉर्ड

एमसीएक्स (MCX) पर चांदी का भाव 4,07,456 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है, वहीं दिल्ली सर्राफा बाजार में भी इसकी कीमतों ने नया ‘ऑल-टाइम हाई’ बनाया है. विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को 4 लाख रुपये तक पहुंचने के लिए सिर्फ 15 हजार रुपये की बढ़ोतरी की दरकार थी, जिसे उसने महज 24 घंटे में पूरा कर दिया. 

 

सोने की चमक भी कम नहीं

सिर्फ चांदी ही नहीं, सोने की कीमतें भी आसमान छू रही हैं. एमसीएक्स पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया. बुधवार को सोना 5,000 रुपये की बढ़त के साथ 1,71,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर बंद हुआ था. 

 

रांची में भी 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,60,550 से 1,67,190 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है.  वहीं 22 कैरेट सोना 1,48,450 से 1,53,146 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है.

 

सोना और चांदी की कीमतों ने न केवल निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रही है, बल्कि आम खरीदारों के लिए इसे अब सुलभ बनाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। आने वाले दिनों में वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों पर नजर रखना जरूरी होगा, ताकि यह तय हो सके कि इन कीमती धातुओं की कीमतें किस दिशा में जाएंगी।

कीमतों में तेजी के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, सोना और चांदी की इस रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे मुख्य रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कारण हैं. पहला डॉलर की कमजोरी, दूसरा सुरक्षित निवेश की तलाश और तीसरा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीतियां हैं. 

 

डॉलर की कमजोरी : अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट ने निवेशकों का ध्यान सोने-चांदी की ओर खींचा है. कमजोर डॉलर के समय धातुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं.

 

सुरक्षित निवेश की तलाश : वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए शेयर या करेंसी से हटकर धातुओं में निवेश कर रहे हैं.

 

ब्याज दरों की संभावनाएं : अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर नीतियां भी बाजार में निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बन गई हैं. 

 

 

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