Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने राहे प्रखंड के गोमदा जलापूर्ति योजना के जीर्णोद्धार को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद से मुलाकात की. उन्होंने बताया कि रांची जिला अंतर्गत राहे प्रखंड की गोमदा जलापूर्ति योजना पिछले चार वर्षों से बंद है, जिससे क्षेत्र के लोगों को भारी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहे, गोमदा और काटेयाडीह मौजा में करीब 470 परिवार इस योजना से जुड़े हुए हैं. वर्ष 1987 में कोकरो नदी पर बने कुएं से जलापूर्ति शुरू हुई थी, जिसे बाद में डीजल पंप के माध्यम से संचालित किया जाता था. यह व्यवस्था वर्ष 2010 तक सुचारु रूप से चली.
इसके बाद 2011 में गोमदा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत कुएं के नीचे चेक डैम का निर्माण कर पानी की आपूर्ति की जाने लगी, लेकिन करीब चार वर्ष पहले बारिश के दौरान डैम धंस गया और कुएं में बालू भर जाने से योजना पूरी तरह ठप हो गई.
उन्होंने बताया कि पहले पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत तापस कुमार बनर्जी वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हो गए. इसके बाद दूसरे ऑपरेटर सदाई सिंह का निधन हो गया और उनके बाद कार्यरत लाल मोहन सिंह भी पुलिस की नौकरी में चले गए. वर्तमान में योजना के संचालन के लिए कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं है. इस कारण ग्रामीणों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जलापूर्ति योजना चालू रहने के कारण पंचायत स्तर पर नल-जल योजना भी लागू नहीं हो सकी. अब स्थिति यह है कि तीनों गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि ग्रामीणों के हित को देखते हुए गोमदा जलापूर्ति योजना का शीघ्र जीर्णोद्धार कर जलापूर्ति बहाल की जाए. इस अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा भी मौजूद थे.
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