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सदन में सरकार का आश्वासन, जेलों में 4G-5G जैमर लगाने की तैयारी शुरू

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली. मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सरकार की ओर से जवाब देते हुए विपक्ष के आरोपों को खारिज किया और कई योजनाओं तथा विभागों के कामकाज की जानकारी दी. चर्चा के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्य के फंड रोके जाने का मुद्दा भी उठाया गया.


चर्चा की शुरुआत में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने झारखंड आंदोलन के नेता शिबू सोरेन को नमन किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार जल-जंगल-जमीन की रक्षा और गरीबों तथा पिछड़े वर्ग के विकास के लिए काम कर रही है.


पेयजल योजना को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन में केंद्र और राज्य की 50-50 भागीदारी है. उन्होंने बताया कि केंद्र से अब तक करीब 5987 करोड़ रुपये मिले हैं जबकि राज्य सरकार ने लगभग 7385 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. मंत्री के अनुसार केंद्र पर अभी करीब 6270 करोड़ रुपये बकाया है. उन्होंने यह भी कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी लंदन के साथ गैर वित्तीय समझौते की तैयारी की जा रही है.

 

उत्पाद विभाग को लेकर उठे सवालों पर मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में विभाग के राजस्व में काफी वृद्धि हुई है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2001 से 2018 के बीच कुल राजस्व 8124 करोड़ रुपये था. जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में यह बढ़कर 16225 करोड़ रुपये हो गया है. विपक्ष ने इस दौरान विभाग में भ्रष्टाचार और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा उठाया. मंत्री ने कहा कि मामले की जांच एसीबी कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी.

 

वित्त मंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि केंद्र सरकार द्वारा झारखंड को मिलने वाली कई मदों की राशि अब तक पूरी तरह जारी नहीं की गई है. उनके अनुसार केंद्रीय करों में हिस्सेदारी और अन्य अनुदानों को मिलाकर करीब 13 हजार करोड़ रुपये की राशि बकाया है. उन्होंने बताया कि इसके बावजूद राज्य सरकार ने आंतरिक राजस्व संग्रह का लगभग 81 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है.

 

वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि ऊर्जा और पर्यटन विभाग का कुछ पैसा कैनरा बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में जमा था. जिसमें 50 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता सामने आई है. उन्होंने कहा कि जब तक संबंधित बैंक राशि वापस नहीं करेंगे, तब तक राज्य सरकार वहां नया खाता नहीं खोलेगी.

 

सदन में कानून व्यवस्था का मुद्दा भी उठा. विपक्ष ने धनबाद के गैंगस्टर प्रिंस खान का मामला उठाया. इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी है और पुलिस उसके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. जेलों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक सप्ताह में जैमर लगाने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी कही गई.

 

सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया गया कि राज्य में 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है और अगस्त 2024 तक करीब 3620 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए जा चुके हैं.

 

चर्चा के दौरान विधायक जयराम कुमार महतो ने कटौती प्रस्ताव रखते हुए राज्य में शराबबंदी लागू करने, पावर प्लांट के आसपास के गांवों को मुफ्त बिजली देने और प्रत्येक पंचायत में 10 चापाकल लगाने की मांग उठाई. मंत्री ने कहा कि इन मांगों पर विचार किया जा सकता है लेकिन इसके लिए केंद्र से राज्य का बकाया धन मिलना जरूरी है.

 

अंत में जयराम कुमार महतो ने अपना प्रस्ताव वापस नहीं लिया. इसके बाद सदन में मतदान कराया गया, जिसमें बहुमत से कटौती प्रस्ताव अस्वीकृत हो गया और सरकार की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं.

 

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