Ranchi: झारखंड में वर्षों से बंद और निष्क्रिय पड़ी खदानों के बीच राज्य सरकार अब नए खनिज ब्लॉकों के विकास पर जोर दे रही है. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, विभिन्न खनिजों के 20 नए ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिनकी नीलामी और खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि अभी इन नए ब्लॉकों में अधिकांश जगहों पर व्यवसायिक उत्पादन शुरू नहीं हो पाया है.
जानकारी के मुताबिक, सोना (गोल्ड) के सबसे अधिक 5 नए ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं. ये ब्लॉक रांची, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में स्थित हैं. झारखंड में सोने के भंडार को लेकर लंबे समय से संभावनाएं जताई जाती रही हैं, लेकिन अभी केवल एक लीज क्षेत्र में ही खनन गतिविधि संचालित है.
लौह अयस्क (आयरन ओर) के लिए 4 नए ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं. पश्चिमी सिंहभूम देश के सबसे समृद्ध लौह अयस्क क्षेत्रों में गिना जाता है, लेकिन 15 लीज में से केवल 6 खदानें ही चालू हैं. ऐसे में नए ब्लॉकों का विकास राज्य के इस्पात उद्योग और राजस्व दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
चूना पत्थर (लाइमस्टोन) के भी 4 नए ब्लॉक प्रस्तावित हैं. वर्तमान में 13 लीज में से केवल एक खदान संचालित है, जबकि 12 लीज समाप्त हो चुकी हैं. सीमेंट उद्योग की बढ़ती मांग को देखते हुए इन ब्लॉकों के विकास को अहम माना जा रहा है.
ग्रेफाइट के लिए 3 नए ब्लॉक और तांबा (कॉपर) के लिए 1 नया ब्लॉक चिन्हित किया गया है. वहीं बॉक्साइट, जिंक और मैंगनीज के लिए भी नए ब्लॉक प्रस्तावित किए गए हैं. जिंक और मैंगनीज के मामले में फिलहाल राज्य में कोई सक्रिय खदान नहीं है, इसलिए नए ब्लॉकों से इन क्षेत्रों में निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं.
खनिजवार स्थिति
| खनिज | कुल लीज | चालू खदानें | नए ब्लॉक |
| लौह अयस्क | 15 | 6 | 4 |
| बॉक्साइट | 37 | 17 | 1 |
| तांबा | 3 | 2 | 1 |
| ग्रेफाइट | 6 | 2 | 3 |
| सोना | 3 | 1 | 5 |
| यूरेनियम | 6 | 6 | 0 |
| चूना पत्थर | 13 | 1 | 4 |
| जिंक | 0 | 0 | 1 |
| मैंगनीज | 0 | 0 | 1 |
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