Ranchi News: प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) ने सरकार से त्वरित जांच कर अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की मांग की है. शुक्रवार को महेंद्र सिंह भवन, काली मंदिर, मेन रोड, रांची में दोनों संगठनों की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई.
प्रेस को संबोधित करते हुए RYA के महासचिव नीरज कुमार ने कहा कि JPSC और JSSC में धांधली व भ्रष्टाचार के खिलाफ झारखंड के छात्र-नौजवान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया, लेकिन उचित होमवर्क के अभाव में हाईकोर्ट ने इस फैसले पर रोक लगा दी. उन्होंने आरोप लगाया कि JPSC-JSSC लंबे समय से भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों से घिरे रहे हैं.
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नीरज कुमार ने कहा कि झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार द्वारा JPSC-JSSC CGL और CDPO परीक्षा रद्द करने के फैसले पर रोक लगाई है. ऐसे में सरकार को CID जांच के बाद संदेह के दायरे में आने वाली परीक्षाओं की SIT से जांच करानी चाहिए. जांच के बाद धांधली के जरिए परीक्षा में शामिल होकर लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाए.
उन्होंने मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि JPSC की 11वीं-13वीं परीक्षा के बाद FSO और अब JSSC-CGL और CDPO परीक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं. सरकार को छात्रों के पक्ष में खड़े होकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका अधिकार मिल सके और अनियमित तरीके से लाभ लेने वालों पर कार्रवाई हो. RYA महासचिव ने कहा कि SIT जांच जरूरी है, क्योंकि 50 से अधिक मामले संदेह के दायरे में बताए जा रहे हैं.
वहीं AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने बताया कि 24 अगस्त को धनबाद में छात्र-युवा संसद का आयोजन किया जाएगा. इसमें जंतर-मंतर आंदोलन के साथ-साथ बिहार और झारखंड के छात्र आंदोलनों से जुड़े चर्चित चेहरे शामिल होंगे. कार्यक्रम में पेपर लीक, परीक्षा में धांधली, भ्रष्टाचार, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.
उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार रोजगार के सवाल पर विफल रही हैं. छात्र-नौजवानों के आंदोलन की आगे की दिशा और संघर्ष को तेज करने की रणनीति पर भी छात्र-युवा संसद में चर्चा होगी.
त्रिलोकी नाथ ने कहा कि झारखंड में छात्रवृत्ति, क्लस्टर सिस्टम को रद्द करने, लेट सेशन और छात्र संघ जैसे मुद्दे भी गंभीर हैं. उन्होंने इन सवालों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही. केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में युवाओं को रोजगार के बजाय जुमले मिले हैं. बैंकिंग और रेलवे समेत विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के सवाल पर केंद्र सरकार विफल रही है.
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