Ranchi: राज्य सरकार ने महालेखाकार को अदिवासी जमीन के हस्तांतरण से संबंधित दस्तावेज देने से इनकार कर दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि महालेखाकार के जमीन से संबंधित अर्ध न्यायिक(Quasi Judicial) रिकॉर्ड के ऑडिट का अधिकार नहीं है. झारखंड के महालेखाकार ने सरकार को पत्र लिखकर Tribal Land Management के Performance Audit के लिए आवश्यक दस्तावेज की मांग की थी. महालेखाकार ने रांची जिला में आदिवासियों की जमीन हस्तांतरण से संबंधित मामलों के ऑडिट के लिए इससे संबंधित दस्तावेज की मांग की थी.
महालेखाकार द्वारा की गयी इस मांग के आलोक में राज्य सरकार ने विधि विभाग से राय मांगी. विधि विभाग ने मामले में विचार करने के बाद राज्य सरकार को अपनी राय दी. इसमें यह कहा गया कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT ACT) की धारा 49 के तहत सक्षम पदाधिकारी द्वारा पारित आदेशों से संबंधित दस्तावेज का ऑडिट महालेखाकार रांची द्वारा नहीं की जा सकती है.
क्योंकि इस अधिनियम के तहत सक्षम पदाधिकारी द्वारा पारित किया गया आदेश अर्द्ध न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित है. इसका ऑडिट नहीं किया जा सकता है. बिहार प्रैक्टिस एंड प्रोसिडियोर रूल इन रेविन्यू मैटर की धारा 75-78 तक राजस्व से जुड़े दस्तावेज की समीक्षा का अधिकार कमिशनर और राजस्व पर्षद को है.
विधि विभाग की इस राय के बाद सरकार ने झारखंड के प्रधान महालेखाकर को पत्र लिख कर इससे संबंधित सूचना दी. साथ ही विधि विभाग द्वारा दी गयी राय के आलोक में ऑडिट के लिए दस्तावेज देने से इनकार किया. राज्य सरकार का पत्र मिलने के बाद महालेखाकर ने सरकार से फिर एक बार अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया. महालेखाकार की ओर से दूसरी बार सरकार को लिखे गये पत्र में The Comptroller and Auditor Generals(Duties,powers and condition of service) Act 1971 के प्रावधानों के आलोक मे विचार करने का अनुरोध किया गया.
सरकार ने महालेखाकर के अनुरोध के आलोक में दूसरी बार भी इस पर विचार करने के बाद दस्तावेज देने से इनकार कर दिया. दूसरी बार सरकार ने महालेखाकार को लिखे गये पत्र में यह सूचित किया कि संसद से पारित कानून के आलोक में महालेखाकार को पांच मामलों में ऑडिट का अधिकार है. इन मामले में (1)- Grant of Land,(2)- Assignment of revenue or concession,(3) Grant,(4)Lease or liscence of minireal और (5) Any easement of privilege in respect of any such concession or which in any way involve relinquishment of revenue शामिल है.
लेकिन उपायुक्त द्वारा छोटानागपुर काश्तकारी अधिकारी अधिनियम की धारा 49,71A के तहत पारित आदेश Grant of Land की परिभाषा में शामिल नहीं है. इसलिए छोटानापुर काश्तकारी अधिनियम के तहत पारित अर्द्ध न्यायिक आदेश महालेखाकार के ऑडिट के अधिकार के दायरे में नहीं आता है.
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