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त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की अनुमति के बिना सरकारी योजनाएं नहीं होंगी लागू

सरकारी योजनाएं और परियोजनाएं त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की सहमति के बिना लागू नहीं होंगी. हालांकि 30 दिनों के अंदर सभा द्वारा योजना को लागू करने पर फैसला नहीं करने की स्थिति में उसे स्वीकृत माना जायेगा. ग्राम सभा को विशेष परिस्थितियों में सरकारी योजनाओं में लाभुकों के चुनाव के लिए निर्धारित शर्तों में बदलाव का अधिकार होगा. ग्राम सभा का यह अधिकार अपवाद स्वरूप होगा. कैबिनेट द्वारा पारित पेसा नियमावली 2025 में इसका प्रावधान किया गया है.
 

Ranchi :  सरकारी योजनाएं और परियोजनाएं त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की सहमति के बिना लागू नहीं होंगी. हालांकि 30 दिनों के अंदर सभा द्वारा योजना को लागू करने पर फैसला नहीं करने की स्थिति में उसे स्वीकृत माना जायेगा. ग्राम सभा को विशेष परिस्थितियों में सरकारी योजनाओं में लाभुकों के चुनाव के लिए निर्धारित शर्तों में बदलाव का अधिकार होगा. ग्राम सभा का यह अधिकार अपवाद स्वरूप होगा. कैबिनेट द्वारा पारित पेसा नियमावली 2025 में इसका प्रावधान किया गया है.

 

नियमावली में अनुसूचित क्षेत्रों में योजनाओं का लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित की गयी है. इसके तहत सरकारी योजनाओं व परियोजनाओं को लागू करने के लिए त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं की अनुमति लेना जरूरी होगा. यह अनुमति योजनाओं के लागू करने के भौगोलिक क्षेत्र पर आधारित होगी. यानी अगर योजना ग्राम स्तर से संबंधित है तो ग्राम सभा से और पंचायत स्तर से संबंधित होने पर पंचायत समिति से अनुमति लेगी होगी. योजना के जिला स्तर से संबंधित होने पर जिला परिषद से योजनाओं व परियोजनाओं को लागू करने की अनुमति लेनी होगी.

 

वार्षिक या अर्धवार्षिक आधार पर गांव के विकास के लिए योजना बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त द्वारा एक Multi Disciplinary Tem (MDT) का गठन किया जायेगा. यह टीम ग्राम सभा से विचार विमर्श कर योजनाएं तैयार करेंगी. टीम द्वारा ग्राम सभा को संबंधित योजना से होने वाले लाभ और योजना की लागत की जानकारी दी जायेगी. टीम द्वारा ग्राम सभा से विचार विमर्श के बाद तैयार की गयी योजना को पारंपारिक ग्राम सभा में पेश किया जायेगाा. ग्राम सभा के समक्ष पेश किये जाने वाले इस दस्तावेज में योजना के लागू करने के तरीके, योजना के हर हिस्से की लागत और योजना के लिए धन के स्रोत का उल्लेख होगा. इसके अलावा योजना को लागू करने के तरीके, ठेकेदार की भूमिका और योजना में स्थानीय श्रम बल (मजदूर) के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया जायेगा.

 

MDT द्वारा योजना तैयार कर स्वीकृति के लिए ग्रामसभा में पेश करने के बाद ग्राम सभा को 30 दिनों के अंदर इस पर फैसला करना होगा. ग्राम सभा को यह अधिकार दिया गया है कि वह योजना के क्रियान्वयन पर कोई शर्त लगा सकती है या उसमें किसी तरह के संशोधन का सुझाव दे सकती है. स्वीकृति के लिए निर्धारित 30 दिन की समय सीमा में फैसला नहीं करने की स्थिति में योजना को ग्राम सभा से स्वीकृत माना जायेगा. ग्राम सभा द्वारा योजना को लागू करने के मामले में जारी सुनवाई पर 30 दिनों में फैसला नहीं होने की स्थिति में ग्राम सभा DDC से अतिरिक्त 30 दिनों का समय मांग सकती है.

 

पेसा नियमावली में पारंपरिक ग्राम सभा को सरकारी योजनाओं में लाभुकों के चयन का अधिकार दिया गया है. सरकार द्वारा चलायी जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लाभुकों का चुनाव ग्राम सभा द्वारा किया जायेगा. ग्राम सभा लाभुकों के चुनाव के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड का इस्तेमाल करेगी. नियमावली में ग्राम सभा को विशेष परिस्थितियों में लाभुकों के चुनाव के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड में बदलाव का अधिकार दिया गया है. ग्राम सभा किसी परिवार के आर्थिक रूप से संकटग्रस्त होने, मरनासन्न होने की स्थिति में उसे योजना का लाभ देने के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड में बदलाव कर सकती है. इस बदलाव को ग्राम सभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित करना होगा.

 

 

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