- गुजरात में प्रवासी मजदूरों की स्थिति दयनीय
- झारखंड से प्रतिनिधिमंडल भेजे हेमंत सोरेन सरकार
Ranchi News : भाकपा माले ने हेमंत सोरेन से झारखंड प्रतिनिधिमंडल गुजरात भेजने और मजदूरों की समस्याओं को लेकर केंद्र व गुजरात सरकार से बातचीत करने की मांग की है. भाकपा माले का कहना है कि गुजरात में प्रवासी मजदूरों की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है.
झारखंड समेत कई राज्यों के मजदूर बदहाल परिस्थितियों में वहां से लौटने को मजबूर हैं. ऐसे में हेमंत सरकार को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए. रोजगार छिनने की स्थिति में गुजरात और झारखंड में उनके लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था भी की जानी चाहिए.
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पार्टी अनुसार, गुजरात के कपड़ा और हीरा उद्योग में काम करने वाले मजदूरों पर प्रतिदिन 12 घंटे काम करने का दबाव बनाया जा रहा है. उनकी साप्ताहिक छुट्टियां भी समाप्त कर दी गई हैं. मजदूरों को कम मजदूरी दी जा रही है. इतनी ही नहीं कुछ मजदूरों को 12 घंटे काम कराकर सिर्फ दो वक्त का भोजन दिया जाता है.
भाकपा माले ने इन परिस्थितियों के लिए नए श्रम कोडों को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्र और गुजरात सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं. पार्टी ने कहा कि सरकारों को कंपनी मालिकों के बजाय मजदूरों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए. मजदूरों के साथ ज्यादती करने वाले मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
दरअसल पूर्व विधायक और भाकपा माले पोलित ब्यूरो सदस्य विनोद कुमार सिंह इन दिनों सूरत समेत गुजरात के प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर हैं. वे लगातार मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और कामकाज की अमानवीय परिस्थितियों की जानकारी ले रहे हैं.

