- सुभाष मुर्मू की याचिका पर हाईकोर्ट में जवाब दाखिल
- सरकार के पास है परीक्षा रद्द करने का अधिकार
- परीक्षा रद्द करने के मामले में JPSC ने दिया जवाब
Ranchi News: झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (विज्ञापन संख्या 1/2024) और सीडीपीओ परीक्षा (विज्ञापन संख्या 21/ 2023) को राज्य सरकार द्वारा रद्द किए जाने के मामले में जेपीएससी ने हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है.
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संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा को रद्द किए जाने मामले में जेपीएससी ने अपने जवाब में कहा है कि उक्त परीक्षा रद्द करने का निर्णय राज्य सरकार का है. सरकार को इस तरह का नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार है और वह परिस्थितियों के अनुसार परीक्षा रद्द करने का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है.
सरकार की ओर से उक्त परीक्षा रद्द करने के खिलाफ आशीष अक्षत ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की है. सीडीपीओ परीक्षा रद्द किए जाने मामले में जेपीएससी ने कहा है कि सरकार को परीक्षा रद्द करने का निर्णय लेने का अधिकार है और इस संबंध में सरकार द्वारा लिया गया निर्णय उसके अधिकार क्षेत्र में आता है. इस केस में सुभाष मुर्मू की याचिका दाखिल की है.
उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई में कोर्ट ने दोनों मामलों में जेपीएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. जिसके आलोक में जेपीएससी ने अपना जवाब दायर कर दिया है. इन मामलों की सुनवाई 15 सितंबर को होनी है.
उल्लेखनीय है कि CID जांच में मिले तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात उन सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी, जिसमें TDPL शामिल रहा है. इसके अलावा वर्ष 2014 से हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं में संभावित अनियमितता के मद्देनजर जांच कराने की घोषणा भी की गयी थी.
इन घोषणाओं के मद्देनजर कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने परीक्ष रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया स्थगित करने और जांच कराने से संबंधित अधिसूचना जारी की थी. इसमें 22 परीक्षाओं को रद्द करने, 6 की प्रक्रिया को स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में शामिल करने का उल्लेख किया गया है.
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