Ranchi : झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन फ्रंटियर्स इन केमिकल साइंसेज़ (NCS-2026) का सफल समापन हुआ. देशभर से आए शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने सम्मेलन में भाग लेकर रासायनिक विज्ञान के नवीनतम शोध, उभरते रुझानों और वैश्विक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की.
सम्मेलन का उद्देश्य अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और रसायन विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध कार्यों को साझा करना था. इस आयोजन ने विभिन्न संस्थानों के बीच सहयोग और संवाद को भी नई दिशा दी.मुख्य अतिथि प्रो. देबब्रत प्रधान (आईआईटी खड़गपुर) ने कहा कि रासायनिक विज्ञान आज सतत विकास का आधार बन चुका है. उन्होंने सतत ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और उन्नत पदार्थों के क्षेत्र में रसायन विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला और युवाओं को नवाचार व अंतरविषयक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी.
सम्मेलन के दौरान नैनो प्रौद्योगिकी, ग्रीन केमिस्ट्री, ऊर्जा भंडारण, कैटलिसिस, औद्योगिक एवं पर्यावरणीय रसायन जैसे विषयों पर मुख्य एवं आमंत्रित व्याख्यान आयोजित हुए. इन सत्रों ने प्रतिभागियों को आधुनिक शोध प्रवृत्तियों और भविष्य की संभावनाओं से अवगत कराया.
सम्मेलन में शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. उन्होंने शोध पत्रों और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने कार्य प्रस्तुत किए, जिन पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया. प्रश्नोत्तर सत्र और नेटवर्किंग गतिविधियों ने कार्यक्रम को और प्रभावी बनाया.समापन सत्र में प्रतिभागियों, वक्ताओं और प्रस्तुतकर्ताओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए. आयोजन समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. ए.के. पाधी, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. बी.सी. मलिक (संयोजक), डॉ. राज बहादुर सिंह (आयोजन सचिव), डॉ. रमेश उरांव (कोषाध्यक्ष), डॉ. अरविंद लाल, डॉ. सौमेन डे, डॉ. सब्यसाची भुनिया, डॉ. पार्थ घोष और साइमन संगमा सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही. आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे सम्मेलन भविष्य में शोध और नवाचार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे.
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