Chatra: मां भद्रकाली मंदिर परिसर में गुरुवार को तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव का शुभारंभ हुआ. महोत्सव में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर व पीएचईडी मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए. अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर और आसमान में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर महोत्सव का आगाज किया.

धार्मिक पर्यटन के रूप में होगा विकसित
उद्घाटन समारोह में वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि जंगल व पहाड़ों से घिरा चतरा एक धार्मिक स्थल के रूप में अपनी अलग पहचान बना रही है. चतरा का मां भद्रकाली मंदिर आस्था का केंद्र है. जहां श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है. उन्होंने कहा कि चतरा से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी बहुत आस्था है. इटखोरी तीन धर्मों का संगम स्थल हैं.
उन्होंने कहा कि इटखोरी महोत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव का दर्जा मिले, इसके लिये राज्य की हेमंत सोरेन सरकार भी गंभीर है. चतरा को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप विकसित किया जाएगा. चतरा एक हिंदुस्तान है. जो एक छाता के समान हैं. जो छाता पूरे राज्य को संरक्षण दे रही है.
कमियों को दूर करेगी सरकार
पीएचईडी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री कुछ वजहों के चलते महोत्सव में नहीं आ सकें. मंत्री ने मुख्यमंत्री का संदेश बताया. मंत्री ने राज्यवासियों के लिये सुख, शांति, समृद्धि, विकास व खुशहाली की कामना की. उन्होंने कहा कि, राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है. यहां जो कमियां होगी, उसे राज्य की हेमंत सरकार दूर करेगी.
राष्ट्रीय महोत्सव की मांग
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि महोत्सव को राष्ट्रीय महोत्सव घोषित करने के लिये लोकसभा में आवाज उठा चुका हूं. उन्होंने चतरा जिले के कौलेश्वरी व बलाबल को राजकीय स्थल घोषित करने की मांग की.
इटखोरी त्रिवेणी स्थल है- उज्ज्वल
चतरा विधायक जनार्दन पासवान ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर एक धरोहर है. इसकी जिले के साथ राज्य व देश स्तर पर अलग पहचान है. उन्होंने कहा कि, मंदिर में मरम्मत कार्य और विस्तार देने की जरूरत है. सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने कहा कि इटखोरी तीन धर्मों सनातन, बौद्ध व जैन धर्म का त्रिवेणी स्थल है. कार्यक्रम के भव्य आयोजन के लिये जिला प्रसाशन बधाई के पात्र हैं. अगले वर्ष कॉरिडोर के साथ महोत्सव मनाने की मांग की.
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