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झारखंड में रेबीज नियंत्रण पर जोर, सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन रखना जरूरी

Ranchi: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने राज्य में रेबीज उन्मूलन और डॉग-बाइट प्रबंधन को लेकर एक व्यापक अभियान की शुरुआत की है. इस क्रम में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्य के सभी सिविल सर्जनों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिला से लेकर पंचायत स्तर तक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. निर्देश में यह भी उल्लेख किया गया है कि भारत में प्रतिवर्ष लगभग 17 हजार लोगों की मृत्यु रेबीज के कारण होती है, जबकि समय पर टीकाकरण से इस जानलेवा बीमारी से पूरी तरह बचाव संभव है.

 

अभियान निदेशक ने यह स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए. इसके लिए डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स एनवेलप 2025-26 के अंतर्गत बजट का प्रावधान किया गया है. यदि किसी स्वास्थ्य केंद्र पर दवा की कमी होती है तो वैकल्पिक मदों से तत्काल क्रय कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी मरीज को उपचार से वंचित न होना पड़े.

 

जनजागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग पशुपालन विभाग, शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित करेगा. शहरों के प्रमुख चौराहों, हाट बाजारों, सरकारी परिसरों और ग्रामीण क्षेत्रों में होर्डिंग, बैनर और दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा. स्कूलों में भी विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे. विभाग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने की स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें और समय पर टीकाकरण कराएं.

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