New Delhi/ Tel Aviv : प्रधानमंत्री मोदी आज बुधवार को दो दिन की इजरायल यात्रा पर तेल अवीव पहुंचे. पीएम का विमान तेल अवील के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरा. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने खुद एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का ग्रैंड वेलकम किया.
#WATCH | Tel Aviv, Israel: PM Narendra Modi received a warm welcome upon his arrival in Israel. Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu, along with his wife Sara Netanyahu, welcomed PM Modi at the airport
— ANI (@ANI) February 25, 2026
PM Netanyahu points out the matching colour of the pocket square of… pic.twitter.com/NLIv7rbYB1
I hope that the Hon Prime Minister @narendramodi ji mentions the genocide of thousands of innocent men, women and children in Gaza while addressing the Knesset on his upcoming trip to Israel and demands justice for them. India has stood for what is right throughout our history as…
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) February 25, 2026
20 मई 1960 को जवाहरलाल नेहरू ग़ज़ा में थे और वहां UN इमरजेंसी फोर्स में तैनात भारतीय टुकड़ी से मिले थे।
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) February 25, 2026
29 नवंबर 1981 को भारत ने फ़िलिस्तीन के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया था।
18 नवंबर 1988 को भारत ने औपचारिक रूप से फ़िलिस्तीन राज्य को मान्यता दी थी।… pic.twitter.com/sLwDjxeahA
बता दें कि नेतन्याहू ने प्रोटोकॉल तोड़कर एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. पीएम मोदी को एयरपोर्ट पर ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. पीएम मोदी नौ साल बाद इजरायल पहुंचे हैं. इससे पहले वह 2017 में इजरायल गये थे.
प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा कांग्रेस को रास नहीं आ रही है. कांग्रेस का मानना है कि गाजा की तबाही के लिए जब पूरी दुनिया इजरायल की आलोचना कर रही है, तब प्रधानमंत्री मोदी की इजरायल यात्रा नैतिक नहीं मानी जा सकती.
कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश तथा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी की इजरायल यात्रा को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा कि पीड़ितों और निर्दोषों की पीड़ा पर भारत का नजरिया हमेशा संवेदनशील रहा है.उम्मीद की जानी चाहिए कि पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को परंपरागत भारतीय दृष्टिकोण से अवगत करायेंगे.
प्रियंका गांधी उम्मीद जताते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी इज़रायली संसद को संबोधित करने के क्रम में गाजा में हजारों निर्दोष पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के नरसंहार का ज़िक्र करेंगे. न्याय की मांग करेंगे.
जयराम रमेश ने पीएम मोदी की इजरायल यात्रा पर प्रश्नचिह्न खड़ा किया. एक्स पर लिखा कि भारत का फलस्तीन के प्रति ऐतिहासिक और नैतिक नज़रिया रहा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
रमेश ने फलस्तीन के साथ भारत के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया. याद दिलाया कि पं जवाहरलाल नेहरू 20 मई 1960 को जब गाज़ा गये थे तो वहां संयुक्तराष्ट्र आपातकालीन बल में तैनात भारतीय दल से मुलाकात की थी. कहा कि 29 नवंबर 1981 को भारत ने फलस्तीन के समर्थन में स्मारक डाक टिकट जारी किया था. 18 नवंबर 1988 को भारत ने औपचारिक रूप से फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता प्रदान की थी.
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