Lagatar Desk : गुजरात पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत 310 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़े एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. मामले में अबतक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकाश पाला, हिरेन राजगोर, आशुतोष ठाकर, अजय दफडा और दीपकगिरी अपारनाथी के रूप में हुई है.
साइबर अपराधियों के पास से तीन चेकबुक, चार एसटीएम कार्ड और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए जांच तेज कर दी है. जूनागढ़ रेंज के DIGP राजेंद्रसिंह चुडासमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी है.
VIDEO | Gir Somnath, Gujarat: A massive cyber fraud racket involving transactions worth around Rs 310 crore has been exposed by Gir Somnath Cyber Crime Police under “Operation Mule Hunt 2.0”. Rajendrasinh Chudasama, DIGP Junagadh Range, said the investigation uncovered a network… pic.twitter.com/thRm6fQqnd
— Press Trust of India (@PTI_News) June 13, 2026
जूनागढ़ रेंज के DIGP राजेंद्रसिंह चुडासमा ने बताया कि जांच में ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है, जो कमीशन के बदले अपने बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे. इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था.
VIDEO | Gir Somnath, Gujarat: Rajendrasinh Chudasama, DIGP Junagadh Range, stated that Gir Somnath Cyber Crime Police has achieved a major breakthrough under “Operation Mule Hunt 2.0” by unearthing a cyber fraud network involving transactions worth nearly Rs 310 crore. Conducted… pic.twitter.com/8IoWITq13R
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तकनीकी जांच से सामने आया नेटवर्क
गिर सोमनाथ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के पीआई एम.ए. झनकट के नेतृत्व में टीम ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) और अन्य समन्वय पोर्टलों पर दर्ज शिकायतों की जांच की. इस दौरान कुछ बैंक खातों में असामान्य और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां सामने आईं.
पुलिस के अनुसार, कई खाताधारक भारी कमीशन के लालच में अपने व्यक्तिगत बैंक खाते साइबर अपराधियों को किराए पर दे रहे थे. यही खाते साइबर फ्रॉड की रकम को इधर-उधर करने का माध्यम बन रहे थे.
दो खातों से जुड़े मिले 290 साइबर फ्रॉड केस
जांच के दौरान सामने आए दो बैंक खातों ने पुलिस को चौंका दिया. इनमें से एक बैंक ऑफ इंडिया खाते से देशभर की 193 साइबर अपराध शिकायतें जुड़ी मिलीं, जिसमें लगभग 282 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था.
वहीं केनरा बैंक के एक अन्य खाते से 97 शिकायतें जुड़ी थीं, जिनमें 37 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन पाया गया. दोनों खातों को मिलाकर कुल 290 साइबर फ्रॉड शिकायतों और करीब 310 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है.
एक गिरफ्तारी से खुली पूरे गिरोह की परतें
पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था. पूछताछ और तकनीकी निगरानी के दौरान पूरे नेटवर्क की जानकारी सामने आई. इसके बाद अलग-अलग टीमों का गठन कर छापेमारी की गई और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
क्या होता है म्यूल अकाउंट
'म्यूल अकाउंट' ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी धोखाधड़ी से हासिल रकम को जमा करने, ट्रांसफर करने या उसकी असली पहचान छिपाने के लिए करते हैं. ऐसे खातों को उपलब्ध कराने वाले लोगों को 'मनी म्यूल' कहा जाता है. कई बार लोग कमीशन के लालच में या जानकारी के अभाव में अपने बैंक खाते दूसरों को उपयोग के लिए दे देते हैं.
पुलिस की अपील
गिर सोमनाथ पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, मोबाइल नंबर या आधार-पैन जैसे दस्तावेज उपयोग के लिए न दें. पुलिस का कहना है कि ऐसी लापरवाही लोगों को अनजाने में साइबर अपराध का हिस्सा बना सकती है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं.
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