Tehran : पश्चिम एशिया एक बार फिर सुलग उठा है. खबर है कि ईरान में जारी अयातुल्लाह खामेनेई का अंतिम संस्कार और शोक समारोहों के बीच अमेरिका ने कल 7 जुलाई को ईरान पर भीषण हमला किया है.अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के कई ठिकानों पर बम बरसाये, मिसाइलें दागी. अमेरिका ने क़ेश्म द्वीप, सीरिक और बंदर अब्बास के आसपास के इलाके बमों से पाट दिये.
हमलों के साथ ही अमेरिका ने एक और काम किया. ईरानी तेल निर्यात का लाइसेंस भी कैंसल कर दिया. अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने 7 जुलाई ईरान का जनरल लाइसेंस एक्स रद्द कर दिया. दरअसल होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हुए हमलों से अमेरिका आगबबूला हो गया और ईरान को चेताते हुए हमले किये.
अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, तटीय रडार स्टेशन, एंटी-शिप मिसाइल लॉन्चर, ड्रोन लॉन्च साइट और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की 60 से ज्यादा तेज स्पीड बोट्स पर हमले किये गये हैं. अमेरिका का आरोप है हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे तीन कॉमर्शियल जहाजों, मार्शल आइलैंड्स के एम/टी अल रेकय्यात, सऊदी अरब के एम/टी वेदयान और लाइबेरिया के एम/टी साइप्रस प्रॉस्पेरिटी पर ईरान द्वारा हमला किया गया था.
जान ले कि ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े समारोह 4 जुलाई से जारी है, जो 9 जुलाई तक चलेंगे. तेहरान, क़ोम, मशहद सहित अन्य शहरों में लाखों लोगों ने इन शोक समारोहों में शिरकत की है. 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में खामेनेई का दफन संस्कार किया जायेगा.
बता दें कि ओमान की खाड़ी में एलएनजी लेकर कतर के रास लाफान से भारत के दहेज बंदरगाह आ रहे एक कमर्शियल जहाज को ड्रोन से निशाना बनाया गया है. इस जहाज पर कुल 29 क्रू मेंबर सवार हैं. इनमें चार भारतीय नागरिक भी शामिल हैं. सूत्रों के अनुसार सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज को कुछ नुकसान पहुंचा है, लेकिन वह अपनी यात्रा जारी रखते हुए दहेज की ओर बढ़ रहा है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment