Gumla News: गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में बुधवार को जिला कल्याण विभाग से जुड़े चार महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की. बैठक में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति तथा छात्रावासों की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा
जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनीटरिंग समिति की बैठक में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने पीड़ितों को समय पर राहत एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया. साथ ही गांवों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिनियम के प्रावधानों एवं पीड़ितों के अधिकारों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने तथा सरकारी कार्यालयों में जागरूकता संबंधी बैनर एवं सूचना सामग्री लगाने का निर्देश दिया गया.
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चार एकलव्य विद्यालयों के संचालन की तैयारी
जिले में नव निर्मित चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के संचालन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. भरनो और सिलाफारी स्थित विद्यालय भवनों का हस्तांतरण प्राप्त हो चुका है, जबकि दो विद्यालयों का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण हस्तांतरण लंबित है.
उपायुक्त ने निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर विद्यालयों का हस्तांतरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. सिलाफारी विद्यालय में चारदीवारी निर्माण, पहुंच मार्ग, बिजली और पेयजल की व्यवस्था को प्राथमिकता देने को कहा गया. विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने का भी निर्देश दिया गया.
पारंपरिक वाद्य यंत्रों का होगा वितरण
आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्रों, धुमकुड़िया भवनों और मांझी हाउस में पारंपरिक वाद्य यंत्रों की आपूर्ति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके लिए 84.44 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से 19.42 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
जेम के माध्यम से खरीदे गए मांदर, नगाड़ा एवं घंट के कुल 150 सेट में से 120 का वितरण किया जा चुका है, जबकि 30 सेट का वितरण बाकी है. उपायुक्त ने शेष वाद्य यंत्रों और आवश्यक उपकरणों का वितरण नियमानुसार जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.
छात्रावासों की सुरक्षा पर विशेष जोर
कल्याण विभाग द्वारा संचालित एसटी, एससी, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक छात्रावासों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई. छात्रावासों को अवैध कब्जे एवं गैर-कानूनी गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया. समिति नियमित रूप से छात्रावासों का निरीक्षण करेगी और सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की निगरानी करेगी.
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को योजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि पात्र लाभुकों एवं विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है.
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