Gumla News: झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट)-2026 के निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. एक नवंबर को जिले के 11 परीक्षा केंद्रों पर होने वाली परीक्षा में कुल 8,061 अभ्यर्थी शामिल होंगे. परीक्षा की तैयारियों का उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने बुधवार को विभिन्न परीक्षा केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया. इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों, नियंत्रण कक्ष, बैठने की व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया.
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निरीक्षण के दौरान उर्सलाइन बालिका उच्च विद्यालय, संत अन्ना उच्च विद्यालय पुग्गू, संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय, डॉन बॉस्को स्कूल और संत पैट्रिक उच्च विद्यालय समेत अन्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों को निर्धारित मानकों के अनुरूप लगाने, परीक्षा कक्षों में व्यवस्थित तरीके से अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था करने और नियंत्रण कक्ष से प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
दो पालियों में होगी परीक्षा
झारखंड अधिविद्य परिषद, रांची की ओर से आयोजित जेटेट परीक्षा एक नवंबर को दो पालियों में होगी. पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी. इसमें कक्षा छह से आठ के लिए 4,822 अभ्यर्थी शामिल होंगे. वहीं, दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी, जिसमें कक्षा एक से पांच के लिए 3,239 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे.
प्रवेश के दौरान सख्ती से होगी तलाशी
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के साथ अभ्यर्थियों की नियमानुसार सघन तलाशी लेने का निर्देश दिया गया है. परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्रों के मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी. प्रवेश द्वार बंद कराने की जिम्मेदारी प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी की होगी. परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़े अधिकारियों और कर्मियों के अलावा अन्य अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा.
अफवाहों पर रखेगा साइबर सेल की नजर
परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं, फर्जी प्रश्नपत्रों और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन साइबर सेल का गठन करेगा. इसका संचालन जिला सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, गुमला की ओर से किया जाएगा. साइबर सेल संदिग्ध सूचनाओं की निगरानी करने, उनका सत्यापन कराने और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों तक जानकारी पहुंचाने का काम करेगा.
प्रशासन ने अभ्यर्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें. फर्जी प्रश्नपत्र, गलत परीक्षा कार्यक्रम या भ्रामक दावों को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें. किसी भी संदिग्ध सूचना या गतिविधि की जानकारी प्रशासन को दें. परीक्षा की निष्पक्षता और विधि-व्यवस्था प्रभावित करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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