Gumla News: कर्मा पूजा के मद्देनजर बुधवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने सर्किट हाउस परिसर स्थित सभागार में छात्रों के बीच पारंपरिक वाद्य यंत्र मांदर का वितरण किया. यह पहल विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से की गई.
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कर्मा पूजा झारखंड की समृद्ध जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ा प्रमुख पर्व है. इस अवसर पर मांदर की थाप और पारंपरिक गीत-संगीत का विशेष महत्व है. इसी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और विद्यार्थियों में अपनी जड़ों एवं परंपराओं के प्रति जुड़ाव को और मजबूत करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के बीच मांदर का वितरण किया गया.
इस अवसर पर उपायुक्त ने विद्यार्थियों को कर्मा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी पहचान हमारी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी है. आधुनिकता के साथ आगे बढ़ना आवश्यक है, लेकिन अपनी सभ्यता, संस्कृति और पारंपरिक विरासत को कभी नहीं भूलना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी लोक परंपराओं को जानने, समझने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि मांदर केवल एक पारंपरिक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक जीवन की जीवंत अभिव्यक्ति है.
उन्होंने विद्यार्थियों को कर्मा पर्व की मूल भावना प्रकृति के प्रति सम्मान, भाईचारा, सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक एकजुटता को आत्मसात करने की बात कही. उपायुक्त ने कहा कि ऐसे प्रयासों से विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर मिलता है और लोक परंपराओं के संरक्षण में नई पीढ़ी की भागीदारी सुनिश्चित होती है.
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने मांदर की थाप के साथ अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत के प्रति उत्साह एवं उमंग भी प्रदर्शित किया. कार्यक्रम में अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी सदर अखिलेश कुमार, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी एलीना दास सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा जिले के विभिन्न कल्याण आवासीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित थे.
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