Gumla News : जिले के कामडारा थाना क्षेत्र के बुरुहातू गांव में हाथियों के हमले में 40 वर्षीय ग्रामीण निकोलस तोपनो की मौत हो गई.
हाथियों को भगाने के लिए निकोलस रात करीब एक बजे घर से बाहर निकले थे. इसी दौरान उनका सामना झुंड के एक हाथी से हो गया. हाथी ने उन्हें सूंड में लपेटकर करीब आधा किलोमीटर तक घसीटा और पटककर कुचल दिया. घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई.
कई दिनों से गांव के आसपास घूम रहा था हाथियों का झुंड
ग्रामीणों के अनुसार, हाथियों का झुंड कई दिनों से गांव के आसपास विचरण कर रहा था. इस दौरान हाथियों ने खेतों में लगी धान, केला, ईख, आलू, फूलगोभी और शकरकंद की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है.
हाथियों की लगातार मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था. ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों को भगाने के लिए वन विभाग की ओर से समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए. उनका कहना है कि समय पर कार्रवाई होती तो इस हादसे को टाला जा सकता था.
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे. सोमवार सुबह वन विभाग के कर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचे.ग्रामीणों ने हाथियों के झुंड को आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की मांग की. उनका कहना है कि हाथियों के लगातार गांव के आसपास घूमने से लोगों की जान और फसल, दोनों पर खतरा बना हुआ है. घटना के बाद गांव में शोक और भय का माहौल है.
परिवार को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता
वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल एक लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है. अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर शेष मुआवजा राशि देने की बात कही है. ग्रामीणों को मुआवजे से संबंधित फॉर्म, टॉर्च और पटाखे भी उपलब्ध कराए गए हैं.
वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा है और झुंड को सारंडा जंगल की ओर भेजने का प्रयास किया जा रहा है. विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, उन्हें भगाने के लिए खुद जोखिम न उठाएं और रात के समय अकेले घर से बाहर निकलने से बचें.

