- मंत्री चमरा लिंडा बोले- आदिवासी संस्कृति और अस्तित्व को समाप्त करने की हो रही साजिश
Gumla News: सरना धर्म कोड लागू करने और परिसीमन के विरोध में रविवार को गुमला जिला मुख्यालय स्थित पालकोट रोड सरना मैदान में आदिवासी संगठनों ने महारैली की. सरना प्रार्थना सभा एवं आदिवासी छात्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए.
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रैली में झारखंड के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, अस्मिता और पहचान की रक्षा के लिए सरना धर्म कोड लागू करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सरना धर्म कोड लागू कराने की मांग को लेकर आदिवासी संगठन लंबे समय से आंदोलन करते आ रहे हैं.
मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरना धर्म कोड लागू कराने के लिए झारखंड से लेकर दिल्ली तक आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जनगणना में आदिवासी समाज के लिए अलग सरना धर्म कोड का प्रावधान नहीं होने के कारण समाज की धार्मिक पहचान को उचित रूप से दर्ज करने की समस्या बनी हुई है.
चमरा लिंडा ने परिसीमन को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि इसके माध्यम से आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ने की आशंका है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है.
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