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Gumla News: देवाकी बाबा धाम में आस्था का सैलाब, हर सोमवार विशाल लंगर

जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध देवाकी बाबा धाम सावन माह में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. सावन के पावन अवसर पर बाबा धाम प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा की व्यवस्था की गई है.
 
गुमला जिला की खबरें

Gumla: जिले के घाघरा प्रखंड मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध देवाकी बाबा धाम सावन माह में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. सावन के पावन अवसर पर बाबा धाम प्रबंधन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा की व्यवस्था की गई है. सभी आवश्यक तैयारियां की है. पूरे सावन माह यहां भव्य मेले लगा रहा है.

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देवाकी बाबा धाम में पूजा करते श्रद्धा

सावन माह में सोमवार को लंगर व भक्ति जागरण

जबकि प्रत्येक सोमवार को विशाल लंगर, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक एवं भक्ति जागरण का आयोजन होता है. मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया है. प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं. जिसमें गुमला, लोहरदगा, रांची सहित छत्तीसगढ़, ओडिशा एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं. 

 

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सुबह होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं और "हर-हर महादेव" तथा "बोल बम" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है. स्थानीय लोगों की अटूट आस्था है कि देवाकी बाबा धाम में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद भगवान भोलेनाथ अवश्य पूरी करते हैं. यही विश्वास हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को इस पवित्र धाम तक खींच लाता है.

 

1967-68 में हुई थी शिवलिंग की खोज

धार्मिक मान्यता के अनुसार इस पवित्र शिवलिंग की खोज वर्ष 1967-68 में हुई थी. इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कराया गया. समय के साथ यह स्थल देवाकी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध होता चला गया और आज यह गुमला जिले के प्रमुख शिवधामों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है.

 

प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम दृश्य

मंदिर परिसर में विशाल शिवलिंग के साथ माता पार्वती एवं भगवान हनुमान का मंदिर भी स्थित है. परिसर में स्थापित छोटे-बड़े शिवलिंग, प्राकृतिक गुफा में विराजमान शिवलिंग, मंदिर के समीप बहती नदी, नदी पर बना पुल तथा चारों ओर फैली हरियाली श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अद्भुत अनुभव कराती है.

 

नदी पार भी शिव मंदिर

नदी के उस पार स्थित प्राचीन शिव मंदिर भी श्रद्धालुओं की विशेष आस्था का केंद्र है. धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिर की रक्षा स्वयं भगवान गणेश करते हैं. मंदिर परिसर के बाहर पत्थर से निर्मित भगवान गणेश की दो प्राचीन प्रतिमाएं स्थापित हैं, जिनके दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

 

सावन माह में देवाकी बाबा धाम का प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक वातावरण और भक्तों की अपार आस्था इस पवित्र स्थल को और अधिक दिव्य बना देती है. एक माह तक चलने वाला भव्य मेला, प्रत्येक सोमवार का विशाल लंगर, भजन-कीर्तन एवं भक्ति जागरण श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक उत्सव का अनुपम संगम बन जाता है. 

 

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