Gumla : गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड के छतरपुर गांव निवासी महिला गांगी देवी अपने बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के लिए पिछले करीब 10 महीने से कार्यालयों का चक्कर लगा रही है. परिजनों ने बताया कि गांगी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर पिछले साल चार अगस्त को चैनपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया था, जहां उसने बच्चे को जन्म दिया.
नवजात शिशु को अस्पताल में सभी आवश्यक टीके भी लगाए गए थे. परिवार का कहना है कि बच्चे के जन्म के बाद से ही वे लोग जन्म प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे हैं. कई बार चैनपुर सीएचसी जाने पर उन्हें गुमला सदर अस्पताल भेज दिया गया. जबकि सदर अस्पताल में बताया गया कि प्रमाणपत्र उसी अस्पताल से जारी होगा जहां बच्चे का जन्म हुआ है. इसके बाद से परिवार लगातार दोनों अस्पतालों में भटक रहा है.
ग्रामीणों का आरोप है कि चैनपुर सीएचसी में इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं. लोगों का कहना है कि जन्म प्रमाण पत्र जैसी जरूरी सेवाओं के लिए भी लोगों को लंबे समय तक परेशान होना पड़ रहा है. पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मामले की जांच कर जल्द जन्म प्रमाणपत्र बनाने और दोषी लोगों पर कार्रवाई की मांग की है. वहीं, संबंधित अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अब तक कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.

चैनपुर सीएचसी में महिला के भर्ती होने के समय की स्लिप
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