Chainpur/Gumla: परमवीर अल्बर्ट एक्का मेमोरियल कॉलेज चैनपुर में विश्व आदिवासी दिवस पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया. कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राएं और शिक्षक पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में नजर आए. नगाड़े की थाप और पारंपरिक नृत्य के साथ कार्यक्रम का भव्य आगाज हुआ.

विश्व आदिवासी पर दिखा सांस्कृतिक झलक
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेंदोरा पंचायत के मुखिया सुशील दीपक मिंज, कॉलेज के प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का, अति विशिष्ट अतिथि फादर इनोसेंट कुजूर सहित अन्य अतिथियों ने शिरकत की. अतिथियों ने पारंपरिक नगाड़ा बजाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
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प्राचार्य फादर अगस्तुस एक्का ने विश्व आदिवासी दिवस के ऐतिहासिक महत्व और इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला. वहीं डॉ. पुष्पलता डुंगडुंग ने आदिवासी संस्कृति की वर्तमान स्थिति और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार रखे.
मुख्य अतिथि सुशील दीपक मिंज ने युवाओं से अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा भाषा, संस्कृति और पहचान को सुरक्षित रखने का आह्वान किया. कार्यक्रम में झामुमो के जिला उपाध्यक्ष ने भी आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और जल-जंगल-जमीन से जुड़े संबंधों को समाज की ताकत बताया.
प्रतियोगिताओं में दिखा सांस्कृतिक झलक
विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी नृत्य, संगीत और फैंसी ड्रेस समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी कला और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता में इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. संगीत प्रतियोगिता में संध्या कुमारी ने अपनी मधुर आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया.
कार्यक्रम के अंत में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया.कार्यक्रम का मंच संचालन प्रोफेसर बूंदीप लकड़ा और स्मिता कुजूर ने संयुक्त रूप से किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अमित कुजूर ने दिया. प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका फादर मुक्ति तिग्गा, फादर सुमन बारला और एकता एक्का ने निभाई.
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