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गुमलाः चैनपुर CHC में 4 माह से डॉक्टर नहीं, लोग झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर

प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने कहा कि हमारी सुनने वाला कोई नहीं है. लोगों को जान बचाने के लिए घर का सामान बेचकर निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है. छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं.
 
चैनपुर सीएचसी.

Gumla : गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले चार महीनों से एक भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है. जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोग झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं. निजी अस्पतालों की भी चांदी है. कुछ महीने पहले तक चैनपुर सीएचसी में एक डॉक्टर कार्यरत थे, लेकिन उनके तबादले के बाद से पद खाली पड़ा है.


 10 पंचायतों वाले इस प्रखंड का एकमात्र सरकारी अस्पताल नर्सों के भरोसे चल रहा है. आलम यह है कि किसी भी गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को रेफर करने के सिवा यहां कोई दूसरा विकल्प नहीं है. इस बदहाली ने क्षेत्र में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों और निजी क्लीनिकों के लिए एक खुला मैदान तैयार कर दिया है. ये तथाकथित डॉक्टर धड़ल्ले से मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे उनकी जान हमेशा खतरे में बनी रहती है. वहीं, निजी अस्पताल इस अवसर को अपनी कमाई का जरिया बना लिये हैं. मरीजों से जांच और दवा के नाम पर मनमानी फीस वसूली जा रही है.


 प्रखंड उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने कहा कि हमारी सुनने वाला कोई नहीं है. लोगों को जान बचाने के लिए घर का सामान बेचकर निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है. छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी हजारों रुपए खर्च करने पड़ते हैं. चिंताजनक यह भी है कि क्षेत्र में होने वाली कई गंभीर घटनाओं और चिकित्सकीय मामलों की जानकारी भी प्रशासन तक नहीं पहुंच पाती है. आरोप है कि चंद पैसों के लालच में निजी अस्पताल संचालक इन मामलों को दबा देते हैं, जिससे न तो उचित कानूनी कार्रवाई हो पाती है और न ही स्वास्थ्य विभाग की निगरानी सुनिश्चित हो पाती है.


स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई गई, लेकिन चार महीने बीत बाद भी स्थिति जस की तस है. प्रशासन की उदासीनता के कारण चैनपुर की आम जनता स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित है. ग्रामीणों ने सीएचसी में अविलंब स्थायी डॉक्टर की नियुक्ति की मांग की है. जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि  "हमने बार-बार गुमला जिले के सिविल सर्जन व उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर से दूरभाष पर संपर्क कर चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर की मांग की है. उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वे इस विषय में सांसद से बात करेंगी. 


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