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जिमखाना क्लब मामला : दिल्ली हाईकोर्ट का स्टे देने से इनकार, केंद्र को समन, SG का आश्वासन, 5 जून को जबरन कब्जा नहीं

याचिका दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य विजय खुराना द्वारा दाखिल की गयी है. मामला यह है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित के नाम पर 5 जून तक जिमखाना क्लब को 27.3 एकड़ का परिसर खाली करने का नोटिस दिया है
 

New Delhi : दिल्ली के रसूखदारों के चर्चित 113 साल पुराने जिमखाना क्लब को खाली कराने के केंद्र सरकार के नोटिस को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस अवनीश झिंगन की बेंच में आज मंगलवार को अहम सुनवाई हुई.

 

याचिका दिल्ली जिमखाना क्लब के सदस्य विजय खुराना द्वारा दाखिल की गयी है. मामला यह है कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक हित के नाम पर 5 जून तक जिमखाना क्लब को 27.3 एकड़ का परिसर खाली करने का नोटिस दिया है  

 

 

दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका के संदर्भ में केंद्र सरकार को समन जारी करते हुए आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है. दिल्ली जिमखाना क्लब प्रबंधन को भी समन जारी किया गया है. हालांकि कि कोर्ट ने जिमखाना क्लब को किसी तरह की अंतरिम राहत या स्टे नहीं दिया है.

 

 हाईकोर्ट का कहना था कि अभी रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं है, जिससे यह संकेत मिलता हो कि किसी तरह की बेदखली की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है.

 

यह जानना दिलचस्प होगा कि सुनवाई के दौरान जब क्लब सदस्यों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी अपनी दलीलें रख रहे थे, तभी सॉलिसिटर जनरल(SG ) तुषार मेहता ने अदालत में कहा, मिस्टर सिंघवी...कोई अन्याय नहीं होगा.

 

SG ने कहा कि 5 जून को दिल्ली जिमखाना क्लब की जमीन पर कोई जबरदस्ती कब्ज़ा नहीं किया जायेगा. : आश्वासन दिया कि अगर बेदखली  कार्रवाई  होगी, तो वह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी.

 

सुनवाई के क्रम में अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से दलील दी कि जिमखाना क्लब  गैर-लाभकारी संस्था है. सरकार ने अचानक 5 जून तक परिसर खाली करने की समयसीमा तय करते हुए नोटिस जारी कर दिया.  

 

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को भरोसा दिया कि सरकार किसी तरह की जल्दबाजी(जबरन कार्रवाई)नहीं करने जा रही है.

 

SG ने कहा कि हमने लीजधारक को 5 जून तक स्वेच्छा से परिसर खाली करने का विकल्प दिया है. यह नहीं होगा कि पुलिस जाकर जबरन कब्जा ले लेगी.  


 
तुषार मेहता ने लीज की शर्तों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को सार्वजनिक हित में लीज समाप्त करने का अधिकार है. यह भी कहा कि सरकार मुआवजा देने या वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराने जैसे विकल्पों पर भी सोच सकती है.

 

कोर्ट ने तुषार मेहता से पूछा कि क्या सरकार का यह बयान रिकॉर्ड पर लिया जा सकता है कि 5 जून को जबरन कब्जा नहीं किया जायेगा?

 

 सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का जवाब था,  हां, इसे रिकॉर्ड पर लिया जा सकता है. कब्जा कानून में तय प्रक्रिया के तहत ही लिया जायेगा. 


 
जान लें कि दिल्ली जिमखाना क्लब देश के सर्वाध्क प्रतिष्ठित क्लबों में शुमार किया जाता है. इसकी सदस्य सूची पर नजर डालें तो इसमें पूर्व प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ नौकरशाह, सेना के अधिकारी, जज और बड़े उद्योगपति शामिल रहे हैं.  

 

 

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