Ranchi: झारखंड विधानसभा में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री हफीजुल हसन ने सरकार का पक्ष रखते हुए विभाग की उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने वित्त वर्ष 2025-26 के कार्यों का उल्लेख करते हुए वर्ष 2026-27 के लिए नई योजनाओं का विवरण भी सदन के सामने रखा.
मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत वीर शहीदों और शिबू सोरेन को नमन करते हुए की. उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जहां जल की धारा बहती है, वहीं समृद्धि के रास्ते खुलते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास के लिए लगातार काम कर रही है.
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कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब भी दिया. भाजपा विधायक के गुमशुदा बांध वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो काम पिछले 50 साल में नहीं हुआ, उसे वह पांच साल में पूरा करने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि केवल भाषण देने से काम नहीं होता, योजनाओं के लिए औपचारिक अनुशंसा और पत्र भी देना जरूरी होता है.
मंत्री ने आगामी वर्ष के लिए कई सिंचाई योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बाल पहाड़ी गांडे मेगा सिंचाई योजना से गिरिडीह, धनबाद और जामताड़ा जिले के लगभग 37 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा खूंटी जिले के अड़की और मुरहू प्रखंड के लिए चारा उल्हा पाइपलाइन सिंचाई योजना पर भी काम किया जाएगा.
सिमडेगा में हैपाला मेगा योजना और पूर्वी सिंहभूम में पटमदा बोड़ाम मेगा सिंचाई योजना को भी आगे बढ़ाने की योजना है. उन्होंने बताया कि सिकिया और मसलिया योजनाओं के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है.
वित्त पोषण के मुद्दे पर मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि पहले बड़ी सिंचाई योजनाओं में केंद्र की हिस्सेदारी अधिक होती थी, लेकिन अब राज्य सरकार को ज्यादा आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.
मंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि और राज्य का विकास है. उन्होंने कहा कि जल बचेगा तो कल सजेगा और हर खेत में हरियाली लाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.
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