Ranchi: जन सहभागिता के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जन आरोग्य समिति के सशक्तिकरण और टीबी मुक्त पंचायत को लेकर आयोजित तीन दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का समापन बुधवार को सदर अस्पताल परिसर में हुआ. यह कार्यक्रम 19 से 21 जनवरी तक चला. जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए.
राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज ने कहा कि देश के समुचित विकास के लिए मजबूत जन स्वास्थ्य प्रणाली जरूरी है. जब हर व्यक्ति स्वस्थ रहेगा, तभी समग्र विकास संभव होगा. बेहतर स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है. उन्होंने बताया कि जन आरोग्य समिति समुदाय और स्वास्थ्य तंत्र के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है.
समिति के सशक्त होने से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ जनभागीदारी भी बढ़ेगी. प्रत्येक जन आरोग्य समिति को प्रतिवर्ष 50 हजार रुपये की राशि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के विकास और गुणवत्ता सुधार के लिए उपलब्ध कराई जाती है.
राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. कमलेश कुमार ने टीबी मुक्त पंचायत कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि जोखिम समूह में आने वाले 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, कुपोषित व्यक्ति, पूर्व टीबी मरीज और टीबी मरीज के संपर्क में रहने वाले लोगों की नियमित जांच आवश्यक है. टीबी के लक्षण वाले व्यक्तियों की समय पर जांच और उपचार जरूरी है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में टीबी मरीजों की संख्या में लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी, बेहतर रहन-सहन और पोषण बेहद जरूरी हैं.
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि सशक्त जन आरोग्य समिति ही मजबूत प्राथमिक स्वास्थ्य प्रणाली की आधारशिला है. सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका से समुदाय में जागरूकता बढ़ेगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच तथा गुणवत्ता में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि जब जनप्रतिनिधि कार्यक्रमों की ओनरशिप लेते हैं, तो योजनाएं निश्चित रूप से सफल होती हैं. मुखिया, जनप्रतिनिधि, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, सहिया, आंगनवाड़ी सेविका और एएनएम मिलकर टीमवर्क के साथ कार्य करें, तो बेहतर परिणाम सामने आते हैं.
कार्यक्रम के अंत में जिला कार्यक्रम समन्वयक प्रीति चौधरी ने सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जन आरोग्य समितियों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर स्वास्थ्य योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करेंगे और समुदाय को स्वस्थ बनाने की दिशा में ठोस प्रयास करेंगे.
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने अपने अनुभव भी साझा किए. बुंडू प्रखंड के बाराहातु पंचायत की मुखिया रेखा देवी ने बताया कि जन आरोग्य समिति के माध्यम से उन्होंने अपने गांव में टीबी के 10 मरीजों की पहचान कर उन्हें पूरा उपचार दिलाया, जिससे वे टीबी मुक्त हो सके. चानहो प्रखंड के रघुनाथपुर पंचायत के मुखिया और रातू प्रखंड की तरुप पंचायत की मुखिया अहिल्या कच्चप ने भी जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और लोगों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर से जोड़ने के अपने अनुभव साझा किए.
कार्यक्रम में सिविल सर्जन रांची डॉ. प्रभात कुमार, राज्य नोडल पदाधिकारी टीबी एवं सीपीएचसी कोसांग डॉ. कमलेश कुमार, राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाय मिंज, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एस. बास्की, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम समन्वयक साहिया प्रीति चौधरी, जिला कार्यक्रम समन्वयक टीबी राकेश राय, क्षेत्रीय समन्वयक श्वेता वर्मा, संपा रॉय समेत विभिन्न प्रखंडों के मुखिया, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी और अन्य स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए.
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