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हजारीबाग DFO मौन प्रकाश पर कोयला चोरी कराने का आरोप, सरकार से शिकायत

हजारीबाग जिले में अवैध कोयला कारोबार और वन विभाग की कथित मिलीभगत को लेकर नया आरोप सामने आया है.
 
  • प्रति ट्रक 5500 की अवैध वसूली, सांसद प्रतिनिधि व RCCF तक हिस्सेदारी का दावा
  • बिना आदेश नया चेकपोस्ट, बड़कागांव में छह अवैध कोयला खदान संचालन का आरोप

Ranchi : हजारीबाग जिले में अवैध कोयला कारोबार और वन विभाग की कथित मिलीभगत को लेकर नया आरोप सामने आया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के हजारीबाग के पूर्व जिला अध्यक्ष शंभुलाल यादव ने पश्चिमी वन प्रमंडल, हजारीबाग के डीएफओ मौन प्रकाश पर अवैध कोयला कारोबार करवाने का आरोप लगाया है. इससे संबंधित शिकायत मुख्यमंत्री से की गई है और जांच की मांग की गई है.

 

इससे संबंधित खबरें मीडिया में प्रकाशित होने के बाद हमने डीएफओ मौन प्रकाश से संपर्क किया. उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया. साथ ही कहा कि वह किसी भी तरह से कोयला चोरी के किसी भी मामले में शामिल नहीं हैं. उन्होंने किसी विकास योजना में कमीशन वसूलने के आरोपों को भी गलत बताया है.

 

उल्लेखनीय है कि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डीएफओ मौन प्रकाश वर्ष 2024 से पदस्थापन के बाद से न केवल विभागीय विकास योजनाओं में 7 प्रतिशत हिस्सेदारी लेते हैं. साथ ही वह कोयला माफियाओं से सांठगांठ कर जिले में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला तस्करी को संरक्षण दे रहे हैं.

 

शंभुलाल यादव ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि हजारीबाग–बरही मुख्य मार्ग, चौपारण क्षेत्र में वन विभाग द्वारा नया चेकनाका केवल वसूली के उद्देश्य से स्थापित किया गया है. जबकि चौपारण के चोरदाहा में वर्षों से चेकपोस्ट मौजूद है. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि चेकनाका पर वसूली होती है. 1500 प्रति ट्रक RCCF हजारीबाग को, 2000 प्रति ट्रक एक सांसद के प्रतिनिधि को दिया जाता है. 

 

बड़कागांव में 6 जगह अवैध उत्खनन


शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि बड़कागांव क्षेत्र में डीएफओ मौन प्रकाश के संरक्षण में छह जगहों पर अवैध तरीके से कोयला उत्खनन किया जा रहा है. प्रत्येक अवैध माइंस से 6 लाख प्रति माह की वसूली की जाती है.

 

 

 

 

 

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