Ranchi : झारखंड के चर्चित हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने शुक्रवार को निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है.
यह कार्रवाई उस वक्त हुई है जब चौबे पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते जेल में बंद है. एसीबी ने विनय चौबे को 11 जनवरी 2026 को इस घोटाले के सिलसिले में रिमांड पर लिया था.
उनसे लंबी पूछताछ के बाद साक्ष्यों के आधार पर यह चार्जशीट तैयार की गई है. इस मामले में उनके करीबी और नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय सिंह पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
क्या है मामला
यह मामला उस समय का है जब विनय चौबे हजारीबाग के डीसी के पद पर तैनात थे. आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान वन विभाग की भूमि के पांच प्लॉटों की अवैध तरीके से जमाबंदी की गई थी. यह जमीन गैरमजरूआ खास जंगल झाड़ी के रूप में दर्ज थी.
वन संरक्षण अधिनियम के अनुसार, भारत सरकार की अनुमति के बिना ऐसी भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता. आरोप है कि अधिकारियों और खरीदार विनय सिंह ने मिलकर एक आपराधिक साजिश रची और नियम विरुद्ध तरीके से जमीन का मालिकाना हक बदलवाया.
2013 में हुआ खुलासा
मामला उजागर होने के बाद वर्ष 2013 में ही सभी अवैध जमाबंदियों को रद्द कर दिया गया था, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सही माना था. एसीबी ने प्रारंभिक जांच में पुष्टि होने के बाद 25 सितंबर 2025 को सरकार से अनुमति प्राप्त की और हजारीबाग थाना कांड संख्या 11/25 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी.
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