Search

 
 
 

हजारीबाग वन भूमि घोटाला: जांच में सहयोग करने पर आरोपियों पर फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं- HC

Ranchi : हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी प्रकाश कुमार सिन्हा एवं सौरव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की.
 
कोर्ट-कचहरी की खबरें
  •  याचिकाकर्ता 14 जुलाई 2026 को एसीबी, हजारीबाग के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो
  • जांच अधिकारी द्वारा तय की जाने वाली आगे की तिथियों पर भी सहयोग करने का निर्देश 

Ranchi : हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में आरोपी प्रकाश कुमार सिन्हा एवं सौरव कुमार की अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में हुई. मामले में हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी की कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की.

इसे भी पढ़ें...

 

कोर्ट ने उक्त दोनों आरोपियों को उन्हें एसीबी जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि यदि दोनों आरोपी जांच में पूरा सहयोग करेंगे तो उनके खिलाफ फिलहाल कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. यह दोनों आरोपी हजारीबाग एसीबी थाना कांड संख्या 11/2025 में नामजद हैं.

 

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया था कि उन्होंने खाता संख्या 95, प्लॉट संख्या 1060 में पंजीकृत बिक्री विलेख (रजिस्टर्ड सेल डीड) के माध्यम से 7.35-7.35 डिसमिल भूमि खरीदी है. उनका दावा है कि संबंधित प्लॉट का पूरा क्षेत्र वन भूमि नहीं है और उनके द्वारा खरीदी गई जमीन संभव है कि वन क्षेत्र से बाहर हो.


याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि अब तक एसीबी ने उन्हें पूछताछ के लिए कोई नोटिस जारी नहीं किया है, फिर भी एफआईआर में नाम होने के कारण उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है.


वहीं, एसीबी की ओर से सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल सुमित गाड़ोदिया ने कोर्ट को बताया  कि अभी तक आरोपियों को जांच के लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया है. उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि दोनों आरोपियों को दस्तावेजों के साथ जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया जाए ताकि उनका बयान दर्ज किया जा सके.


दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को 14 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे एसीबी, हजारीबाग के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने और जांच अधिकारी द्वारा तय की जाने वाली आगे की तिथियों पर भी सहयोग करने का निर्देश दिया.


कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता जांच में सहयोग नहीं करते या निर्धारित तिथियों पर उपस्थित नहीं होते हैं, तो एसीबी कानून के अनुसार उनके खिलाफ सभी आवश्यक कठोर कदम उठाने के लिए स्वतंत्र होगी. हालांकि, यदि वे जांच में सहयोग करते हैं, तो उनके विरुद्ध कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. हाईकोर्ट ने एसीबी को अगली सुनवाई से पहले पूरक शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है. अगली सुनवाई 27 अगस्त 2026 को होगी.


क्या है मामला

बता दें कि यह मामला हजारीबाग में 28 डिसमिल गैर मजूरवा खास जंगल झाड़ की  सरकारी जमीन की खरीद की थी और इसका सरकारी अधिकारियों की मिली भगत से  गलत तरीके से म्यूटेशन भी करा लिया गया था. मामले को लेकर ACB हजारीबाग कांड संख्या 11/2025 दर्ज है. इस मामले में IAS विनय चौबे एवं नेक्सजेन के संचालक विनय कुमार सिंह, उनकी पत्नी भी आरोपी है.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही