Hazaribagh: कहते हैं कि मेहनत और हौसले के सामने कोई भी परिस्थिति बड़ी नहीं होती. इसे सच कर दिखाया है हजारीबाग के रांची-पटना मार्ग स्थित गोपाल एग्रो इंडस्ट्रीज चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करने वाले गोपाल प्रसाद विश्वकर्मा की बेटी आयुषी कुमारी ने. साधारण परिवार से आने वाली आयुषी ने कठिन परिस्थितियों के बीच अपनी मेहनत और लगन के बल पर मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने की उपलब्धि हासिल की है. आयुषी वर्तमान में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया जी, बिहार में एमबीबीएस अंतिम वर्ष की इंटर्नशिप कर रही हैं.
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मूल रूप से पुनपुन, पटना (बिहार) की रहने वाली आयुषी का परिवार बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य के लिए हजारीबाग में रह रहा है. आयुषी की माता मालती देवी गृहिणी हैं, जबकि पिता गोपाल प्रसाद विश्वकर्मा वेल्डिंग दुकान चलाकर परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हैं. सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कभी भी बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी.
आयुषी की प्रारंभिक शिक्षा हजारीबाग के गुलमोहर पब्लिक स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने 10+2 की पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल हजारीबाग से पूरी की. कोरोना काल के दौरान जब अधिकांश लोग परेशानियों से जूझ रहे थे, तब आयुषी ने अपने समय का सदुपयोग करते हुए नीट परीक्षा की तैयारी शुरू की. वर्ष 2021 में नीट परीक्षा में बेहतर रैंक हासिल कर उन्होंने वर्ष 2022 में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज, गया में एमबीबीएस में दाखिला लिया. चार वर्षों की कड़ी मेहनत और अध्ययन के बाद अब वह अंतिम वर्ष की इंटर्नशिप में प्रवेश कर चुकी हैं.
अपनी सफलता पर डॉ. आयुषी कुमारी ने कहा कि उनकी सफलता का पूरा श्रेय उनके माता-पिता को जाता है. उन्होंने बताया कि माता-पिता ने शिक्षा के लिए कभी कोई समझौता नहीं किया. पिता के संघर्ष को देखकर उन्होंने हमेशा कुछ बेहतर करने का संकल्प लिया और उसी चुनौती को अपनी ताकत बनाकर आज यह मुकाम हासिल किया है.
आयुषी परिवार की बड़ी बेटी हैं. उनकी बहन रितिका शर्मा चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रही हैं, छोटी बहन हर्षिता शर्मा नीट की तैयारी कर रही हैं, जबकि भाई अथर्व शर्मा 10+2 की पढ़ाई कर रहे हैं. आयुषी ने बताया कि घर में शुरुआत से ही माता-पिता ने बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं किया और सभी बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी.
पिता गोपाल प्रसाद विश्वकर्मा ने कहा कि आज उनकी बेटी की सफलता पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने कहा कि आर्थिक संघर्ष जरूर था, लेकिन उन्होंने कभी भी उसे बच्चों की पढ़ाई के रास्ते में नहीं आने दिया. मेहनत और विश्वास का परिणाम आज सबके सामने है.
माता मालती देवी ने कहा कि आयुषी बचपन से ही पढ़ाई के प्रति काफी गंभीर रही है. स्कूल के समय से ही उसकी रुचि पढ़ाई में रही और उसने ईमानदारी से मेहनत कर यह सफलता हासिल की है. बेटी के डॉक्टर बनने से परिवार में खुशी का माहौल है.
इस उपलब्धि को लेकर गुलमोहर पब्लिक स्कूल में स्वागत सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया. विद्यालय की प्राचार्या विद्या बख्शी ने पूरे विद्यालय परिवार के साथ आयुषी को सम्मानित किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
वहीं स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच सह बरकट्ठा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और समाजसेवी बटेश्वर प्रसाद मेहता ने आयुषी के घर पहुंचकर अंगवस्त्र और कवर फाइल देकर सम्मानित किया. उन्होंने आयुषी के माता-पिता को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी.
बटेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि कोरोना काल किसी के लिए चुनौती रहा तो आयुषी जैसी मेहनती छात्रा ने उसी समय को अवसर में बदल दिया. कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत जारी रखकर उसने नीट में सफलता हासिल की और आज डॉक्टर बनने की राह पर आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि संघर्ष से निकली ऐसी सफलता समाज के लिए प्रेरणादायक है.
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